



मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सवाई मानसिंह इंडोर स्टेडियम से दिखाएंगे हरी झंडी, प्रदेश की 200 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेगी संत रविदास की जन्मस्थली की पवित्र रज
जयपुर। संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष के उपलक्ष में प्रदेश भाजपा की ओर से बुधवार को जयपुर के सवाई मानसिंह इंडोर स्टेडियम में पवित्र रज कलश वंदन समारोह आयोजित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा समारोह से 25 रज कलश रथों को प्रदेश के सभी 25 लोकसभा क्षेत्रों के लिए रवाना करेंगे। इसके बाद संत रविदास की जन्मस्थली से लाई गई पवित्र रज को राज्य की सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों के प्रमुख धार्मिक और सामाजिक स्थलों तक पहुंचाया जाएगा।
भाजपा ने संत गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर 29 जुलाई 2026 से 20 फरवरी 2027 तक राष्ट्रव्यापी ‘श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ शुरू किया है।
पार्टी के अनुसार अभियान का उद्देश्य गुरु रविदास के समता, समानता, सामाजिक सद्भाव और मानवता के विचारों को देशभर में जन-जन तक पहुंचाना है। राजनीतिक रूप से इस अभियान को अनुसूचित जाति समाज के बीच भाजपा की पहुंच मजबूत करने की रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
अभियान की शुरुआत 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर संत रविदास की जन्मस्थली गोवर्धनपुर, वाराणसी से की गई थी।उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा के नेतृत्व में राजस्थान से गए प्रतिनिधिमंडल ने वहां से पवित्र रज कलश प्राप्त किए और उन्हें प्रदेश में लेकर आया।
भाजपा का कहना है कि पवित्र रज को प्रदेश की सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों के प्रमुख मंदिरों, धार्मिक स्थलों और सामाजिक केंद्रों तक ले जाया जाएगा।इन स्थानों पर गुरु रविदास के जीवन, विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश पर आधारित सभाएं, संवाद और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जयपुर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा मौजूद हैं।इसके अलावा भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य और प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि उनके विद्यालयी पाठ्यक्रम में संत रविदास से संबंधित पाठ पढ़ाया जाता था, लेकिन बाद के दौर में महापुरुषों और सांस्कृतिक विरासत को भुलाने का प्रयास हुआ।उन्होंने आरोप लगाया कि पाठ्यक्रमों में बदलाव कर देश के गौरवशाली इतिहास को कमजोर तरीके से प्रस्तुत किया गया और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाया गया।
मदन राठौड़ ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को आगे बढ़ाने और संतों एवं महापुरुषों की विरासत को पुनः प्रतिष्ठित करने का काम किया है।उन्होंने कहा कि गुरु रविदास के विचार सामाजिक भेदभाव समाप्त करने, समानता स्थापित करने और समाज के सभी वर्गों को एकजुट करने की प्रेरणा देते हैं।
