Saturday, 01 August 2026

पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत आवास पर नारेबाजी के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा ने ‘व्यक्तिवाद’ पर साधा निशाना


पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत आवास पर नारेबाजी के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा ने ‘व्यक्तिवाद’ पर साधा निशाना

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

वागड़ के 309 कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा बोले—पार्टी से बड़ा कोई नेता नहीं, व्यक्तिगत ब्रांडिंग से संगठन को नुकसान

जयपुर। राजस्थान कांग्रेस में नेताओं की व्यक्तिगत ब्रांडिंग को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम लिए बिना व्यक्तिवाद और किसी एक नेता की छवि को पार्टी से ऊपर रखने की प्रवृत्ति पर नाराजगी जताई।

यह घटनाक्रम 30 जुलाई को उस समय सामने आया, जब पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय के नेतृत्व में वागड़ क्षेत्र से आए भारत आदिवासी पार्टी से जुड़े 309 कार्यकर्ता कांग्रेस की सदस्यता लेने जयपुर पहुंचे। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में औपचारिक कार्यक्रम से पहले कार्यकर्ता सिविल लाइंस स्थित अशोक गहलोत के आवास पर गए। इसके बाद वे पीसीसी कार्यालय पहुंचे और कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।

गहलोत के समर्थन में लगे नारे

गहलोत आवास पर कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की। इस दौरान समर्थकों ने उन्हें चौथी बार मुख्यमंत्री बनाने के समर्थन में नारे लगाए। कार्यकर्ताओं के पहले गहलोत आवास और उसके बाद पीसीसी कार्यालय पहुंचने से प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व तथा संगठनात्मक प्राथमिकता को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डोटासरा ने कहा कि वे कांग्रेस पार्टी के लिए काम करते हैं, किसी व्यक्ति की ब्रांडिंग के लिए नहीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को किसी नेता को भावी मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तुत करने वाली नारेबाजी से बचने की नसीहत भी दी।

‘पार्टी बड़ी है या कोई व्यक्ति’

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा ने मालवीय की मौजूदगी में सवाल उठाया कि कांग्रेस में शामिल होने आए लोगों को सबसे पहले पार्टी कार्यालय जाना चाहिए था या किसी नेता के आवास पर। उन्होंने कहा कि संगठन से जुड़े लोगों को यह समझना होगा कि पार्टी किसी भी व्यक्तिगत नेता से बड़ी है।

उन्होंने कहा कि व्यक्तिवाद के कारण कांग्रेस को पहले भी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा है। किसी एक नेता की छवि को आगे बढ़ाने के बजाय संगठन, विचारधारा और सामूहिक नेतृत्व को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

मालवीय के भाजपा में जाने को बताया राजनीतिक गलती

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा ने पूर्वमंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय के पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने के फैसले को राजनीतिक गलती बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी में वापसी के बाद मालवीय और उनके समर्थकों को कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए काम करना चाहिए।

पूर्व मंत्री मालवीय वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। उन्होंने जनवरी 2026 में कांग्रेस में वापसी की थी।

गहलोत बोले—किसी तरह की नाराजगी नहीं

विवाद के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि उनके और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के बीच किसी तरह की नाराजगी नहीं है तथा राजस्थान कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है।

पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने यह भी कहा कि उनके आवास पर कोई औपचारिक सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया था। वागड़ से आए कार्यकर्ता उनसे मिलने पहुंचे थे और औपचारिक जॉइनिंग बाद में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुई। उन्होंने बताया कि मालवीय कई दिनों से कार्यकर्ताओं की मुलाकात कराने का आग्रह कर रहे थे।

स्थानीय चुनावों से पहले तेज हुई राजनीतिक हलचल

वागड़ के कार्यकर्ताओं का कांग्रेस में शामिल होना आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों से पहले महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि नए कार्यकर्ताओं के आने से बागीदौरा और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों में पार्टी संगठन को मजबूती मिलेगी।

हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत आवास पर हुए शक्ति प्रदर्शन और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा की टिप्पणी ने सदस्यता कार्यक्रम को कांग्रेस की आंतरिक राजनीति तथा भावी नेतृत्व की बहस से जोड़ दिया है।

Previous
Next

Related Posts