



एनएसयूआई के छात्रों का करीब 38 घंटे चला आंदोलन, समर्थन में टोंक रोड पर उतरे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हटाया, 11 छात्र हिरासत में
जयपुर। टोंक फाटक के पास पानी की टंकी पर चढ़े एनएसयूआई के दो छात्र और एक छात्रा सरकार तथा छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीन बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद शुक्रवार देर रात नीचे उतर गए। तीनों प्रदर्शनकारी छात्रसंघ चुनाव बहाल करने और दिल्ली के जंतर-मंतर पर विद्यार्थियों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई से जुड़े मुद्दों को लेकर गुरुवार सुबह से टंकी पर डटे थे।
प्रदर्शनकारियों के समर्थन में शुक्रवार को बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता टोंक रोड पर उतर आए। छात्रों ने सड़क जाम करने और सड़क पर लेटकर विरोध जताने का प्रयास किया। इससे शहर के व्यस्त मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और आदर्श नगर विधायक रफीक खान भी मौके पर पहुंचे। दोनों नेताओं ने टंकी पर मौजूद प्रदर्शनकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत की।
इसके बाद सरकार तथा छात्र प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई। तीन बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद एनएसयूआई से जुड़े विजयपाल कुड़ी, कोशेन खान और वियोना जाट नीचे उतरने के लिए तैयार हुए। तीनों करीब 38 घंटे से टंकी पर मौजूद थे।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग राजस्थान के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव दोबारा शुरू कराने की थी। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग भी उठाई थी।
छात्रों ने शुक्रवार दोपहर तक ठोस निर्णय नहीं होने पर आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा भी की थी। प्रशासन और पुलिस अधिकारी दिनभर उन्हें समझाकर सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास करते रहे।
टंकी पर मौजूद छात्र नेताओं के समर्थन में पहुंचे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने टोंक रोड पर प्रदर्शन किया। कुछ छात्र सड़क पर लेट गए और यातायात रोकने का प्रयास किया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया और 11 छात्रों को हिरासत में लिया। कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिसकर्मी उठाकर वाहनों तक ले गए, जिससे मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी।
प्रदर्शन के कारण टोंक रोड और इससे जुड़े मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ गया। ट्रैफिक पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात कर वाहनों को नियंत्रित करने और वैकल्पिक रास्तों से निकालने का प्रयास किया।
छात्र नेताओं के देर रात टंकी से नीचे उतरने के बाद आंदोलन समाप्त हुआ और मार्ग पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य कराया गया।