



तेल-गैस खोज, फ्लोटिंग सोलर ऊर्जा और खेल ढांचे को बढ़ावा; पीएम-किसान के लिए वित्त वर्ष 2030-31 तक 3.15 लाख करोड़ रुपए से अधिक मंजूर
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ऊर्जा, कृषि और खेल क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी गई। इनमें तेल और प्राकृतिक गैस की समुद्री खोज के लिए ‘समुद्र मंथन’ योजना, प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना, पीएम-किसान सम्मान निधि का पांच वर्ष का विस्तार और संशोधित खेलो इंडिया योजना शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद इन फैसलों की जानकारी दी। केंद्रीय कैबिनेट के आधिकारिक निर्णयों में इन चारों योजनाओं को 31 जुलाई 2026 को स्वीकृति दिए जाने का उल्लेख है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना को ‘समुद्र मंथन’ नाम से मंजूरी दी है। इसके लिए 84,084 करोड़ रुपए का वित्तीय प्रावधान किया गया है।
योजना का उद्देश्य देश के समुद्री क्षेत्रों में तेल और प्राकृतिक गैस के संभावित भंडारों की खोज को तेज करना है। इसके तहत गहरे समुद्र में अन्वेषण, आधुनिक सर्वेक्षण तकनीक और अपतटीय क्षेत्रों के विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे घरेलू तेल-गैस उत्पादन बढ़ाने, वैश्विक ऊर्जा कंपनियों को आकर्षित करने और आयात पर निर्भरता कम करने में सहायता मिलेगी।
अश्विनी वैष्णव ने इस योजना को देश की बढ़ती ऊर्जा मांग और ऊर्जा सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। हालांकि वास्तविक उत्पादन संभावित भंडार मिलने, तकनीकी व्यवहार्यता और परियोजनाओं के विकास पर निर्भर करेगा।
केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। पांच वर्षों की अवधि के लिए 3,15,614 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
योजना के तहत पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को हर वर्ष 6,000 रुपए की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खातों में दी जाती है। प्रत्येक किस्त 2,000 रुपए की होती है।
सरकार के अनुसार योजना के विस्तार से किसानों को खेती से जुड़े खर्च पूरे करने, नकदी की जरूरतों को संभालने और अनौपचारिक ऋण स्रोतों पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट के फैसले में पीएम-किसान योजना की अवधि बढ़ाई गई है, लेकिन वार्षिक सहायता राशि 6,000 रुपए से बढ़ाने की कोई घोषणा नहीं की गई है। किसानों को पहले की तरह तीन किस्तों में भुगतान जारी रहेगा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार योजना के तहत अब तक 23 किस्तों के माध्यम से 4.47 लाख करोड़ रुपए से अधिक वितरित किए जा चुके हैं। नवीनतम किस्त का लाभ लगभग 9.49 करोड़ किसानों को मिला।
कैबिनेट ने जलाशयों और अन्य जल निकायों पर फ्लोटिंग सोलर परियोजनाएं विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को भी मंजूरी दी है। इसके लिए 5,070 करोड़ रुपए का परिव्यय निर्धारित किया गया है।
फ्लोटिंग सोलर संयंत्र पानी की सतह पर स्थापित किए जाते हैं। इससे बड़े भूभाग के अधिग्रहण की आवश्यकता कम होती है और उपलब्ध जलाशयों का ऊर्जा उत्पादन के लिए उपयोग किया जा सकता है।
योजना का उद्देश्य देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के साथ जलाशयों और बांधों में फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं के विकास को प्रोत्साहित करना है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संशोधित खेलो इंडिया योजना और खेल संस्थानों को बढ़ी हुई सहायता के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी है। संशोधित योजना के लिए 36,441 करोड़ रुपए का परिव्यय निर्धारित किया गया है।
इसके तहत खेल प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण, खेल ढांचे के विकास, प्रशिक्षकों की उपलब्धता और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर से खिलाड़ियों को तैयार कर उच्च प्रदर्शन वाले खेल तंत्र को विकसित करना है।
कैबिनेट के फैसलों में एक ओर समुद्री तेल-गैस अन्वेषण के माध्यम से ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने का प्रयास किया गया है, वहीं फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं के जरिए स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
पीएम-किसान योजना का विस्तार किसानों की आय सहायता को निरंतर बनाए रखेगा, जबकि संशोधित खेलो इंडिया योजना के जरिए खेल प्रतिभाओं और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए दीर्घकालीन निवेश किया जाएगा।