



शहजाद पूनावाला ने मीडिया रिपोर्टों में निजी कारणों से पार्टी छोड़ने का दावा, लेकिन पूनावाला या भाजपा की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं; खुद को बताया पीएम मोदी का आजीवन समर्थक
नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे शहजाद पूनावाला के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने परिचय से ‘नेशनल स्पोक्सपर्सन, बीजेपी’ का उल्लेख हटा दिया है। कुछ मीडिया रिपोर्टों ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि उन्होंने निजी कारणों से भाजपा नेतृत्व को इस्तीफा सौंप दिया है। हालांकि पूनावाला या भाजपा की ओर से इस्तीफे की औपचारिक और सार्वजनिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
पूनावाला ने अपने संशोधित एक्स बायो में धर्म को इस्लाम, संस्कृति को हिंदू और विचारधारा को भारतीय बताते हुए स्वयं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आजीवन समर्थक लिखा है। उनके आधिकारिक एक्स प्रोफाइल पर फिलहाल भाजपा के पद का उल्लेख नहीं है।
अलग-अलग मीडिया संस्थानों की रिपोर्टों में पूनावाला के भाजपा छोड़ने की बात कही गई है, लेकिन कई रिपोर्टों ने यह भी स्पष्ट किया है कि न तो उन्होंने स्वयं कोई विस्तृत बयान जारी किया है और न ही पार्टी ने आधिकारिक तौर पर इस्तीफे की पुष्टि की है। इसलिए इस घटनाक्रम को फिलहाल औपचारिक पुष्टि की प्रतीक्षा वाला मामला माना जाना अधिक उचित है।
उनके एक्स बायो में बदलाव के बाद सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने, संगठन में नई भूमिका मिलने अथवा सार्वजनिक जीवन के दूसरे क्षेत्र में जाने जैसी अटकलें लगाई जा रही हैं। इन संभावनाओं पर पूनावाला ने अभी कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है।
शहजाद पूनावाला उस समय चर्चा में आए थे, जब उन्होंने वर्ष 2017 में कांग्रेस अध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी का पार्टी अध्यक्ष बनना पहले से तय था और चुनाव की प्रक्रिया में वास्तविक आंतरिक लोकतंत्र नहीं था।
उन्होंने राहुल गांधी के मुकाबले कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की इच्छा भी व्यक्त की थी। इन बयानों के बाद उनका कांग्रेस नेतृत्व से टकराव खुलकर सामने आया और पार्टी में उनकी राजनीतिक भूमिका लगभग समाप्त हो गई।
उपलब्ध विवरणों के अनुसार पूनावाला वर्ष 2017 में नहीं, बल्कि जुलाई 2018 में भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल हुए थे। दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में उनका भाजपा में प्रवेश हुआ था। बाद में वर्ष 2021 में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया।
भाजपा में आने के बाद वह टेलीविजन बहसों और सोशल मीडिया पर पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ उनके तीखे राजनीतिक हमले अक्सर चर्चा में रहते थे।
पूनावाला ने वर्ष 2008 के आसपास कांग्रेस से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने पार्टी की मीडिया रिसर्च टीम में काम किया और बाद में एनएसयूआई की पुणे इकाई तथा महाराष्ट्र कांग्रेस में संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालीं।
कानून की पढ़ाई कर चुके पूनावाला नागरिक अधिकारों और कथित आवासीय भेदभाव जैसे मामलों से भी जुड़े रहे हैं। उनकी पहचान एक आक्रामक वक्ता और टेलीविजन डिबेट में भाजपा का पक्ष रखने वाले प्रमुख प्रवक्ता के रूप में बनी।
भाजपा से जुड़े पद का उल्लेख हटाने के बावजूद पूनावाला ने अपने एक्स बायो में प्रधानमंत्री मोदी के प्रति समर्थन बनाए रखा है। इससे यह संकेत मिलता है कि संभावित इस्तीफा यदि औपचारिक रूप से दिया भी गया है, तो उन्होंने इसे प्रधानमंत्री मोदी या उनकी राजनीतिक विचारधारा से दूरी के रूप में प्रस्तुत नहीं किया है।
अब निगाहें पूनावाला और भाजपा के आधिकारिक बयान पर हैं। औपचारिक पुष्टि के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उन्होंने केवल प्रवक्ता पद छोड़ा है, पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया है या सक्रिय राजनीति से कुछ समय के लिए दूरी बनाई है।