



टोंक जिले में 2.36 लाख घरों में कनेक्शन का लक्ष्य, 1.62 लाख में काम पूरा; पाइपलाइन के लिए तोड़ी गई 458 किमी सड़क में से 410 किमी की मरम्मत
टोंक। जल जीवन मिशन के तहत जिले में घर-घर नल कनेक्शन के शेष कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश जिला कलेक्टर टीना डाबी ने दिए हैं। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में उन्होंने योजना की प्रगति की समीक्षा की।
जिला कलेक्टर ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से गांवों में चल रहे नल कनेक्शन, पेयजल पाइपलाइन और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।
टीना डाबी ने स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, ग्राम पंचायत भवनों और स्वास्थ्य केंद्रों में पाइपलाइन के माध्यम से नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के कार्य को प्राथमिकता देने को कहा।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संस्थानों में पेयजल की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जिन संस्थानों में अभी तक कनेक्शन नहीं हुए हैं, वहां कार्य शीघ्र पूरा करने के लिए विभाग स्तर पर प्रभावी निगरानी की जाए।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अभियंताओं ने बैठक में बताया कि जिले के 1,118 गांवों में कुल 2 लाख 36 हजार 223 घरों में नल कनेक्शन किए जाने हैं।
इनमें से करीब 1 लाख 62 हजार घरों में कनेक्शन का कार्य पूरा हो चुका है। यह कुल लक्ष्य का लगभग 68 प्रतिशत है। शेष घरों में कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए कार्य जारी है।
अधिकारियों के अनुसार जिले के लगभग 84 प्रतिशत स्कूलों में पाइपलाइन से नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। इसी प्रकार करीब 72 प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों में भी कनेक्शन का कार्य पूरा हो गया है।
जिला कलेक्टर ने शेष स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर काम पूरा करने के निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पाइपलाइन बिछाने और घर-घर नल कनेक्शन देने के दौरान जिले में करीब 458 किलोमीटर लंबी सड़कों को खोदा गया था।
अधिकारियों ने बताया कि इनमें से 410 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत की जा चुकी है, जबकि करीब 48 किलोमीटर सड़क की मरम्मत अभी शेष है।
जिला कलेक्टर ने कहा कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत में संवेदकों की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग मरम्मत कार्य की नियमित निगरानी करे और सड़क का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण सुनिश्चित करे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पाइपलाइन और कनेक्शन का काम पूरा करना पर्याप्त नहीं है। कार्य के बाद सड़क को पहले जैसी स्थिति में बहाल करना भी संबंधित संवेदक और विभाग की जिम्मेदारी है।
बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश कुमार मीना, बीसलपुर परियोजना के अधीक्षण अभियंता मनोज सिंह, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता शेर सिंह मीना, समेकित बाल विकास सेवा की उपनिदेशक सरोज मीणा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।