Friday, 31 July 2026

रेरा अधिनियम का उद्देश्य मकान खरीदारों के हितों की रक्षा करना: जितेंद्र त्रिपाठी


रेरा अधिनियम का उद्देश्य मकान खरीदारों के हितों की रक्षा करना: जितेंद्र त्रिपाठी

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टोंक में नगर निकाय अधिकारियों, बिल्डर्स, प्रमोटर्स और आर्किटेक्ट्स के लिए कार्यशाला; परियोजना पंजीकरण और जवाबदेही के प्रावधानों की दी जानकारी

टोंक। जिले में मकान खरीदारों के हितों की सुरक्षा और रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी की ओर से शुक्रवार को जिला परिषद सभागार में कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला में जिले के नगर निकायों के अधिकारियों, बिल्डर्स, प्रमोटर्स और आर्किटेक्ट्स को रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) अधिनियम-2016 के प्रावधानों की जानकारी दी गई। इस दौरान परियोजनाओं के पंजीकरण, प्रमोटर्स की जिम्मेदारियों और मकान खरीदारों के अधिकारों पर विस्तार से चर्चा हुई।

रेरा की कार्यप्रणाली की दी जानकारी

कार्यशाला में रेरा के सहायक रजिस्ट्रार जितेंद्र त्रिपाठी, अधिकारी वर्षा सिंघल और नगर परिषद आयुक्त धर्मपाल जाट मौजूद रहे। अधिकारियों ने रेरा की कार्यप्रणाली, रियल एस्टेट परियोजनाओं के पंजीकरण की प्रक्रिया और नियामक प्रावधानों के बारे में जानकारी दी।

प्रतिभागियों को बताया गया कि रेरा के तहत पंजीकृत परियोजनाओं से संबंधित आवश्यक विवरण सार्वजनिक करना प्रमोटर्स की जिम्मेदारी है। इससे खरीदारों को परियोजना की वास्तविक स्थिति, स्वीकृतियों और निर्माण की प्रगति के बारे में जानकारी मिलती है।

मकान खरीदारों के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर

सहायक रजिस्ट्रार जितेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि रेरा अधिनियम-2016 का मुख्य उद्देश्य मकान खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट परियोजनाओं में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि अधिनियम के प्रावधानों का पालन करने से खरीदारों और डेवलपर्स के बीच विश्वास बढ़ता है। परियोजनाओं में देरी, भ्रामक जानकारी और तय शर्तों का पालन नहीं होने जैसी शिकायतों के निस्तारण के लिए भी रेरा महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराता है।

प्रमोटर्स और नगर निकायों की भूमिका समझाई

कार्यशाला में प्रमोटर्स और डेवलपर्स की कानूनी जिम्मेदारियों के साथ नगर निकायों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। अधिकारियों ने कहा कि परियोजनाओं की स्वीकृति और निगरानी से जुड़े विभागों के बीच बेहतर समन्वय से नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सकता है।

बिल्डर्स और प्रमोटर्स को परियोजना की स्वीकृत योजना, निर्माण की समयसीमा और खरीदारों से किए गए समझौतों का पालन करने की आवश्यकता बताई गई।

प्रतिभागियों की शंकाओं का किया समाधान

कार्यशाला के दौरान बिल्डर्स, प्रमोटर्स और आर्किटेक्ट्स ने रेरा पंजीकरण, परियोजना संबंधी दस्तावेजों और अनुपालन प्रक्रिया से जुड़े प्रश्न अधिकारियों के सामने रखे। विशेषज्ञों ने उनके सवालों और संशयों का विस्तार से समाधान किया।

अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों से रेरा के नियमों की बेहतर समझ विकसित होगी। इससे परियोजनाओं में पारदर्शिता बढ़ने के साथ मकान खरीदारों के अधिकारों की सुरक्षा भी मजबूत होगी।

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