



नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी को महिला सांसदों के प्रति कथित रूप से आपत्तिजनक और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने के मामले में लोकसभा से शेष मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के बाद उन्हें सत्र की शेष अवधि के दौरान सदन के परिसर से बाहर जाने का निर्देश दिया गया। मानसून सत्र 13 अगस्त तक निर्धारित है।
सदन की कार्यवाही का संचालन कर रहे पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद टेनेटी ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष को महिला सदस्यों की ओर से शिकायतें प्राप्त हुई थीं। उन्होंने कहा कि कथित टिप्पणियों से सदन की गरिमा को ठेस पहुंची है और किसी सांसद का ऐसा आचरण उचित नहीं माना जा सकता।
केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कल्याण बनर्जी को शेष मानसून सत्र के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया। सदन ने विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे पहले सदन स्थगित होने के बाद कल्याण बनर्जी की नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया की महिला सांसदों के साथ तीखी बहस हुई थी। पूर्व टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय और मिताली बाग ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि बनर्जी ने उनके विरुद्ध अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
इस मामले से पहले मई 2026 में तत्कालीन टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने भी लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कल्याण बनर्जी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की अनुमति मांगी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि बनर्जी ने संसद के भीतर उनके साथ मौखिक दुर्व्यवहार किया और महिला विरोधी टिप्पणियां कीं। बनर्जी ने पूर्व में इन आरोपों को गलत और मनगढ़ंत बताया था।