Wednesday, 22 July 2026

मंडोर खुली जेल में अनोखी शादी: उम्रकैद की सजा काट रहे मूलाराम और सीमा ने लिए सात फेरे


मंडोर खुली जेल में अनोखी शादी: उम्रकैद की सजा काट रहे मूलाराम और सीमा ने लिए सात फेरे

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जोधपुर। साफा, किलंगी और सूट-बूट में सजा दूल्हा, हाथों में मेहंदी और लाल जोड़े में सजी दुल्हन, मंत्रोच्चार करते पंडित, अग्नि के समक्ष सात फेरे और ढोल-थाली की थाप पर नाचते बाराती—यह दृश्य किसी सामान्य विवाह समारोह का नहीं, बल्कि बुधवार को जोधपुर की मंडोर खुली जेल का था।

हत्या के अलग-अलग मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे मूलाराम और सीमा ने एक-दूसरे का हाथ थामकर जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। दोनों ने विधि-विधान से अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए, वरमाला पहनाई और वैवाहिक बंधन में बंध गए।

जेल की चारदीवारी के बीच संपन्न हुआ यह विवाह प्रेम, विश्वास और नई जिंदगी की उम्मीद का प्रतीक बन गया। विवाह समारोह मंडोर खुली जेल में कैदियों के लिए बनाए गए आवासों के बीच आयोजित किया गया, जहां पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल रहा।

समारोह में दूल्हा-दुल्हन के परिजन और करीबी रिश्तेदार शामिल हुए। जेल प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, पुलिसकर्मी और अधिवक्ता भी इस अनूठे विवाह के साक्षी बने। विवाह में कुल 21 बाराती शामिल हुए, जिन्होंने ढोल-थाली की थाप पर नृत्य किया और नवविवाहित जोड़े को सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया।

शामियाने में मेहमानों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई थी। जेल परिसर में हुए इस विवाह ने यह संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियों के बीच भी व्यक्ति को सुधार, प्रेम और नई शुरुआत का अवसर मिल सकता है।

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