



जयपुर। प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस नेताओं के प्रदर्शन के विरोध में बुधवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने के लिए कूच किया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय से निकले कार्यकर्ताओं को पुलिस ने चौमूं हाउस सर्किल पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। कांग्रेस के प्रदर्शन के जवाब में भाजपा ने देशभर में कांग्रेस कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी।
बैरिकेडिंग के बावजूद आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हो गई। कई कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए और कांग्रेस कार्यालय की ओर जाने पर अड़े रहे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और पानी की तेज बौछार कर कार्यकर्ताओं को पीछे हटाया।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ भी वाटर कैनन की बौछारों से पूरी तरह भीग गए। इसके बावजूद भाजपा कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। पुलिसकर्मी बैरिकेड्स पर चढ़े कार्यकर्ताओं को नीचे उतारते और उन्हें समझाइश देकर पीछे हटाते नजर आए।
भाजपा का यह प्रदर्शन कांग्रेस नेताओं द्वारा दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर दिए गए धरने के विरोध में आयोजित किया गया था। दिल्ली के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने वहां से हटाकर हिरासत में लिया था।
प्रदर्शन के बाद मदन राठौड़ ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर कांग्रेस ने लोकतांत्रिक और सुरक्षा संबंधी मर्यादाओं का उल्लंघन किया है।
राठौड़ ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देकर देश के इतिहास को “कलंकित” करने का काम किया है। उन्होंने राहुल गांधी की उम्र को लेकर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ता उन्हें चेतावनी देने के लिए कांग्रेस कार्यालय की ओर कूच कर रहे थे।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले लोगों को लेकर भी विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल लोग विद्यार्थी नहीं, बल्कि प्रशिक्षित पत्थरबाज थे और उन्हें विदेशी फंडिंग प्राप्त हुई थी।
राठौड़ ने दावा किया कि अस्पताल में भर्ती कराए गए प्रदर्शनकारियों की जानकारी लेने पर उनमें कोई विद्यार्थी नहीं मिला। हालांकि, प्रदर्शनकारियों के विद्यार्थी नहीं होने अथवा उन्हें विदेशी फंडिंग मिलने संबंधी इन आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
भाजपा के प्रदर्शन, पुलिस बैरिकेडिंग और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के कारण गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे तथा आसपास के मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
पुलिस की टीमें मौके पर यातायात व्यवस्था संभालने और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकालने में जुटी रहीं। प्रदर्शन समाप्त होने और कार्यकर्ताओं के लौटने के बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ।
जयपुर में एक ही दिन कांग्रेस और भाजपा के एक-दूसरे के कार्यालयों की ओर कूच करने से प्रदेश की राजनीति में टकराव और तेज हो गया। दोनों प्रदर्शनों के दौरान पुलिस को बैरिकेडिंग और वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।