



खाटूश्यामजी। अजमेर में कथा वाचक किरीट भाई द्वारा बाबा श्याम के संबंध में कथित रूप से कहे गए आपत्तिजनक शब्दों को लेकर श्याम भक्तों में नाराजगी देखने को मिली। विवाद बढ़ने के बाद किरीट भाई बाबा श्याम के दरबार में उपस्थित हुए और दर्शन कर क्षमा याचना की।
बताया जा रहा है कि अजमेर में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए कथित बयान के बाद विभिन्न स्थानों पर श्याम भक्तों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। श्रद्धालुओं का कहना था कि धार्मिक आस्था और आराध्य देव से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक मंच से बोलते समय मर्यादा और संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
विवाद के बाद किरीट भाई श्री श्याम बाबा के दरबार पहुंचे। उन्होंने बाबा श्याम के दर्शन किए और अपने कथित वक्तव्य को लेकर क्षमा याचना की। उनके मंदिर पहुंचने और क्षमा मांगने को विवाद को शांत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस अवसर पर मंदिर कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मोहन दास महाराज ने किरीट भाई को बाबा श्याम का आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से संयम, धार्मिक मर्यादा और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की।
पूज्य मोहन दास जी महाराज ने कहा कि बाबा श्याम का दरबार प्रेम, भक्ति, क्षमा और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि किसी भी विवाद की स्थिति में शांति और संयम का मार्ग अपनाया जाए तथा ऐसा कोई कदम न उठाया जाए जिससे धार्मिक सौहार्द प्रभावित हो।
घटना के बाद श्याम भक्तों के बीच इस बात की भी चर्चा है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े धार्मिक वक्ताओं को अपनी भाषा और वक्तव्यों के प्रति अधिक सतर्क रहना चाहिए। श्रद्धालुओं ने उम्मीद जताई कि क्षमा याचना के बाद इस प्रकरण का शांतिपूर्ण समाधान होगा और बाबा श्याम की मर्यादा एवं भक्तों की आस्था सर्वोपरि बनी रहेगी।
