



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार, 22 जुलाई 2026 को सीतापुरा स्थित मेट्रो डिपो में जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना का विधिवत भूमि पूजन एवं शिला पूजन किया। इस अवसर के साथ राजधानी जयपुर की बहुप्रतीक्षित उत्तर-दक्षिण मेट्रो परियोजना के क्रियान्वयन की औपचारिक शुरुआत हो गई।
जयपुर मेट्रो फेज-2 के अंतर्गत प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक लगभग 41 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। करीब ₹13,037.66 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना में कुल 36 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं। केंद्र सरकार ने अप्रैल 2026 में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति प्रदान की थी।
मेट्रो फेज-2 के माध्यम से सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र, विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र, जयपुर एयरपोर्ट, टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल एवं स्टेडियम, अंबाबाड़ी और विद्याधर नगर सहित शहर के प्रमुख आवासीय, औद्योगिक, व्यावसायिक एवं संस्थागत क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
परियोजना में जयपुर एयरपोर्ट क्षेत्र के पास भूमिगत मेट्रो स्टेशनों का भी प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही फेज-2 को वर्तमान में संचालित मेट्रो फेज-1 से इंटरचेंज और फीडर सेवाओं के माध्यम से जोड़ने की योजना है। इससे शहर में एकीकृत और सुगम सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क विकसित होगा।
फेज-2 परियोजना के पूरा होने के बाद जयपुर के व्यस्त मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ने की उम्मीद है। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता, यात्रा में लगने वाले समय और वाहनों से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी।
वर्तमान में जयपुर मेट्रो फेज-1 मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक 11.64 किलोमीटर लंबे पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर पर संचालित हो रही है। इस मार्ग पर 11 स्टेशन हैं और प्रतिदिन औसतन लगभग 60 हजार यात्री सफर करते हैं। फेज-2 शुरू होने के बाद मेट्रो यात्रियों की संख्या में कई गुना वृद्धि होने का अनुमान है।
जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना का क्रियान्वयन राजस्थान मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। यह केंद्र और राजस्थान सरकार की समान 50:50 भागीदारी वाली संयुक्त कंपनी है। परियोजना के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के इक्विटी सहयोग के साथ बहुपक्षीय वित्तीय संस्थाओं से धन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
इस परियोजना को राजस्थान ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट पॉलिसी-2025 और सतत शहरी परिवहन के राष्ट्रीय उद्देश्यों के अनुरूप तैयार किया गया है। परियोजना को सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जयपुर मेट्रो फेज-2 राजधानी की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ औद्योगिक गतिविधियों, पर्यटन, व्यापार और रोजगार के अवसरों को भी नई गति देने वाली परियोजना मानी जा रही है। इसके पूरा होने के बाद जयपुर के उत्तर और दक्षिण क्षेत्र सीधे मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे तथा शहरवासियों को तेज, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।