Wednesday, 22 July 2026

दिल्ली में स्वच्छ हवा की दिशा में तकनीकी पहल, आनंद विहार में लगाए गए 20 आउटडोर एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम


दिल्ली में स्वच्छ हवा की दिशा में तकनीकी पहल, आनंद विहार में लगाए गए 20 आउटडोर एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सुधारने के प्रयासों को तकनीकी सहयोग देने के उद्देश्य से दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के सहयोग से आनंद विहार में PAMARES आधारित आउटडोर एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम स्थापित किया गया है। परियोजना के तहत क्षेत्र में कुल 20 यूनिट लगाई गई हैं।

इस परियोजना को नीदरलैंड की एयर क्वालिटी टेक्नोलॉजी कंपनी StaticAir ने भारत में अपने तकनीकी साझेदार Engineering & Environmental Solutions (E&E) Pvt. Ltd. के सहयोग से क्रियान्वित किया है।

प्रदूषण के प्रमुख हॉटस्पॉट पर तकनीक का परीक्षण

आनंद विहार दिल्ली के प्रमुख वायु प्रदूषण हॉटस्पॉट्स में शामिल है। इंटर स्टेट बस टर्मिनल, मेट्रो स्टेशन, व्यस्त सड़क नेटवर्क और भारी यातायात के कारण यह क्षेत्र पीएम 2.5, पीएम 10, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन और सड़क की धूल से लगातार प्रभावित रहता है।

स्थापित की गई PAMARES यूनिट्स का उद्देश्य लगभग 500 मीटर के क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सुधार के प्रयासों को तकनीकी सहयोग देना है। इसके साथ ही वास्तविक परिस्थितियों में इस तकनीक के प्रदर्शन और प्रभावशीलता का मूल्यांकन भी किया जाएगा।

केवल 18 वॉट ऊर्जा खपत का दावा

कंपनी के अनुसार, PAMARES तकनीक अत्यंत कम ध्वनि के साथ संचालित होती है और प्रत्येक यूनिट केवल 18 वॉट बिजली की खपत करती है। इसके रखरखाव की आवश्यकता भी अपेक्षाकृत कम बताई गई है।

यह प्रणाली खुले, अर्ध-खुले और बंद क्षेत्रों में उपयोग की जा सकती है तथा इसे स्थापित करने के लिए किसी बड़े संरचनात्मक बदलाव की आवश्यकता नहीं होती।

भारतीय परिस्थितियों में साढ़े तीन वर्ष तक परीक्षण

भारत में तकनीक के व्यापक उपयोग से पहले लगभग साढ़े तीन वर्षों तक अनुसंधान, तकनीकी सत्यापन, पायलट परियोजनाएं और फील्ड परीक्षण किए गए। इस दौरान यातायात से उत्पन्न प्रदूषण, बंदरगाह क्षेत्रों के औद्योगिक प्रदूषण, सड़क की धूल और अलग-अलग जलवायु परिस्थितियों में तकनीक का मूल्यांकन किया गया।

कंपनी के अनुसार, आईआईटी कानपुर ने इसका 11 महीने तक स्वतंत्र तकनीकी परीक्षण एवं मूल्यांकन किया। इसके अतिरिक्त विशाखापट्टनम के समुद्री तटीय वातावरण, मुंबई की गर्म एवं आर्द्र जलवायु तथा जयपुर की भीषण गर्मी, मानसून और सर्दी के दौरान भी प्रणाली का परीक्षण किया गया।

इन परीक्षणों से प्राप्त परिणामों और अनुभवों के आधार पर तकनीक को भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप विकसित और परखा गया।

कई देशों में किया जा रहा उपयोग

StaticAir के अनुसार, कंपनी पिछले 11 वर्षों से यूरोप, एशिया, उत्तर अमेरिका और दक्षिण अमेरिका के विभिन्न देशों में PAMARES तकनीक के माध्यम से सार्वजनिक स्थानों, औद्योगिक परिसरों और अन्य परियोजनाओं के लिए वायु गुणवत्ता सुधार से संबंधित समाधान उपलब्ध करा रही है।

कंपनी ने परियोजना के क्रियान्वयन में सहयोग के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, संबंधित विभागों एवं अधिकारियों, भारत स्थित तकनीकी साझेदार E&E Pvt. Ltd. तथा भारत में नीदरलैंड दूतावास का आभार व्यक्त किया है।

कंपनी का मानना है कि ऐसी तकनीकें वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा पहले से किए जा रहे प्रयासों का पूरक बन सकती हैं। आनंद विहार परियोजना से मिलने वाले अनुभव भविष्य में अन्य शहरी क्षेत्रों में ऐसी प्रणालियों के मूल्यांकन और संभावित उपयोग का आधार बन सकते हैं।

    Previous
    Next

    Related Posts