Tuesday, 21 July 2026

राज उन्नति की सातवीं बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सख्ती, लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश, ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की अवधि 31 अगस्त तक बढ़ाने का फैसला


राज उन्नति की सातवीं बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सख्ती, लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश, ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की अवधि 31 अगस्त तक बढ़ाने का फैसला

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जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित ‘राज उन्नति’ की सातवीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश में संचालित विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं, कार्यक्रमों और जन परिवेदनाओं के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की।

बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर देते हुए कहा कि सरकारी कार्यों में लापरवाही, अनियमितता और भ्रष्टाचार किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने दायित्वों के निर्वहन में कोताही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं और परियोजनाओं की नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण किए जाएं।

भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक योजना और परियोजना का लाभ समय पर आमजन तक पहुंचाना है। निर्माण एवं विकास कार्यों में अनावश्यक देरी से जनता को मिलने वाले लाभ प्रभावित होते हैं, इसलिए विभागीय अधिकारी कार्यों की प्रगति की व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी करें।

बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाए और कार्यों में देरी अथवा अनियमितता के मामलों में दोषी कार्मिकों को जवाबदेह बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने आमजन की समस्याओं के अधिक से अधिक समाधान और लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए इन शिविरों के संचालन की अवधि 31 अगस्त तक बढ़ाने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सेवा शिविरों में प्राप्त परिवेदनाओं का केवल पंजीकरण ही नहीं, बल्कि उनका गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण भी सुनिश्चित किया जाए। शिविरों के माध्यम से पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने और प्रशासनिक सेवाओं को उनके निकट पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा योजनाओं की प्रगति से संबंधित अद्यतन जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जवाबदेह प्रशासन के माध्यम से प्रदेशवासियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए संकल्पबद्ध है।

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