



सेल्समैन ने साहस दिखाकर शराब की दुकान में किया बंद, जयपुर से पहुंची वन विभाग की टीम ने ट्रैंक्विलाइज़र डार्ट से किया काबू
टोंक। जिले के टोडारायसिंह कस्बे में सोमवार सुबह वन क्षेत्र से भटककर आया करीब पांच वर्षीय पैंथर घनी आबादी में घुस गया। पैंथर के हमले में वन मित्र सहित तीन लोग घायल हो गए। बाद में पैंथर गणपति प्लाजा के सामने स्थित शराब की दुकान में घुस गया, जहां लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए शटर बंद कर दिया। करीब पांच घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जयपुर से पहुंची वन विभाग की विशेषज्ञ टीम ने पैंथर को ट्रैंक्विलाइज़र डार्ट मारकर सुरक्षित काबू में लिया।
पैंथर सबसे पहले सुबह करीब छह बजे पीपली चौराहे के पास स्थित एक गोदाम में दिखाई दिया। लोगों की आवाजाही बढ़ने पर वह कोली मोहल्ले के एक पुराने और खंडहरनुमा मकान में जाकर छिप गया। पैंथर की सूचना मिलने पर वन मित्र राकेश सैनी मौके पर पहुंचे।
बताया गया कि पैंथर की मौजूदगी का पता लगाने के लिए पत्थर फेंके जाने पर उसने पीछे से राकेश सैनी पर हमला कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और पत्थर फेंके, जिसके बाद पैंथर वहां से निकलकर मकानों की छतों के रास्ते सड़क पार कर गया।
सुबह करीब 8:40 बजे पैंथर गणपति प्लाजा के सामने स्थित जय श्री ओम बन्ना वाइंस की दुकान में घुस गया। उस समय दुकान में सफाई कर रहे सेल्समैन संजय गुर्जर पर उसने पीछे से हमला कर दिया।
हमले के दौरान संजय गुर्जर ने साहस दिखाते हुए पैंथर को धक्का देकर खुद को बचाया और दुकान से बाहर निकल आए। इससे पहले दुकान के बाहर बैठे फतेह लाल कोली पर भी पैंथर ने झपट्टा मारा और उन्हें घसीटते हुए दुकान की ओर ले गया।
घटना के बाद राकेश सैनी, संजय गुर्जर और फतेह लाल कोली को उपचार के लिए उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद राकेश सैनी और फतेह लाल को छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर रूप से घायल संजय गुर्जर को टोंक रेफर किया गया।
घटना के दौरान शराब की दुकान खुली होने के कारण कुछ लोग पैंथर को देखने के लिए अंदर चले गए। आलमारी के पीछे दुबके पैंथर को देखकर वे तत्काल बाहर निकले और दुकान का शटर बंद कर दिया। इसके बाद पैंथर दुकान के अंदर ही बंद रहा।
बाद में अनुज्ञाधारी मनोज गुर्जर की मौजूदगी में दुकान के ताले काटकर रेस्क्यू अभियान की तैयारी शुरू की गई। आबादी क्षेत्र में पैंथर के आने की सूचना फैलते ही गणपति प्लाजा के सामने बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
सूचना मिलने पर वन विभाग के डीएफओ वीरेंद्र किशन, आरएफएस अनुराग महर्षि, रेंजर मोहनलाल सैनी, वनपाल सूर्यदेव, पुलिस उपाधीक्षक मालपुरा आशीष कुमार और थाना अधिकारी मुकेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए घटनास्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाई। वहीं वन विभाग ने जयपुर से विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम को बुलाया।
जयपुर से पहुंची टीम में वरिष्ठ वन्यजीव पशु चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार तंवर, सहायक कृष्ण मीणा सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। टीम ने पूरी सावधानी के साथ पैंथर को ट्रैंक्विलाइज़र डार्ट मारकर बेहोश किया और बाद में उसे सुरक्षित रूप से पिंजरेश किया और बाद में उसे सुरक्षित रूप से पिं में बंद कर लिया।
करीब पांच घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद वन विभाग, पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
