Tuesday, 21 July 2026

डबल इंजन सरकार के प्रयासों से खत्म हुआ शेखावाटी का दशकों पुराना इंतजार: भजनलाल शर्मा


डबल इंजन सरकार के प्रयासों से खत्म हुआ शेखावाटी का दशकों पुराना इंतजार: भजनलाल शर्मा

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यमुना जल से सीकर, झुंझुनूं और चूरू के विकास को मिलेगी नई गति, शेखावाटी बनेगा विकास, विरासत और विश्वास का मॉडल

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यमुना का जल शेखावाटी के उज्ज्वल और उन्नत भविष्य की मजबूत नींव बनेगा। इससे सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिले विकास, विरासत और विश्वास के मॉडल जिलों के रूप में उभरेंगे। राज्य सरकार का संकल्प और समर्पण शेखावाटी के समग्र विकास की आधारशिला बन रहा है।

मुख्यमंत्री का सोमवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में शेखावाटी फाउंडेशन की ओर से ऐतिहासिक यमुना जल समझौते के लिए अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जल सुरक्षा से लेकर आधुनिक सड़क नेटवर्क, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तक प्रत्येक क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं।

यमुना जल से भरा कलश शेखावाटी को समर्पित

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रतीकात्मक रूप से यमुना जल से भरा कलश शेखावाटी अंचल के लोगों को समर्पित किया। इस दौरान विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों ने ऐतिहासिक यमुना जल समझौते को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने मंगलगीत गाकर उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार ने यमुना जल समझौते को मूर्त रूप दिया है। प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत करीब 295 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के माध्यम से लगभग 1,917 क्यूसेक यमुना जल शेखावाटी तक पहुंचाया जाएगा। इससे सीकर, झुंझुनूं और चूरू सहित व्यापक क्षेत्र के करीब 75 लाख लोगों को स्थायी राहत मिलने की संभावना है।

तीन दशकों से लंबित समझौता हुआ साकार

भजनलाल शर्मा ने कहा कि शेखावाटी के विकास की सबसे बड़ी चुनौती हमेशा पानी की रही है। वर्ष 1994 में यमुना जल बंटवारे का समझौता हुआ था, लेकिन राजस्थान को उसके हिस्से का पानी नहीं मिल सका। वर्तमान सरकार ने इस विषय पर संवाद, समर्पण और समन्वय की रणनीति के साथ काम किया।

उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि तीन दशकों से लंबित यमुना जल समझौता अब मूर्त रूप ले रहा है। इससे पेयजल उपलब्धता के साथ कृषि, उद्योग, रोजगार और क्षेत्रीय विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे।

662 ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण की कार्ययोजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि शेखावाटी की पहचान उसकी भव्य हवेलियों, विश्वप्रसिद्ध भित्तिचित्रों और अद्भुत स्थापत्य कला से है। राज्य सरकार ने शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना प्रारंभ कर सीकर, झुंझुनूं और चूरू की 662 ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण एवं पर्यटन उपयोग की कार्ययोजना तैयार की है।

उन्होंने कहा कि संरक्षण कार्यों के दौरान हवेलियों के मूल स्वरूप, स्थापत्य और कलात्मक पहचान से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी। इन हवेलियों को पर्यटन से जोड़ने पर स्थानीय अर्थव्यवस्था, हस्तशिल्प, रोजगार और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

नए एक्सप्रेस-वे से बढ़ेगी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शेखावाटी को आधुनिक सड़क नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में ऐतिहासिक पहल कर रही है। कोटपूतली-किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और बीकानेर-कोटपूतली एक्सप्रेस-वे से सीकर, झुंझुनूं और चूरू क्षेत्र का दिल्ली-एनसीआर एवं पश्चिमी राजस्थान के साथ आवागमन सुगम होगा।

उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से परिवहन, उद्योग, कृषि, व्यापार और पर्यटन को व्यापक लाभ मिलेगा। निवेश एवं औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

वीरता, उद्यमिता और आस्था की भूमि है शेखावाटी

मुख्यमंत्री ने शेखावाटी को वीरों, संतों, शहीदों, भामाशाहों और उद्यमियों की भूमि बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र के सपूतों ने देश की सुरक्षा और आर्थिक प्रगति में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। शेखावाटी के सैनिकों ने सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर में अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय दिया।

उन्होंने कहा कि शेखावाटी के लोगों ने परिश्रम, व्यापार कौशल और उद्यमिता के बल पर देश-विदेश में बड़े व्यापारिक घराने और कॉरपोरेट संस्थान स्थापित किए हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद इस क्षेत्र के लोग मेहनत और पुरुषार्थ में हमेशा अग्रणी रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खाटूश्यामजी, सालासर बालाजी, जीण माता, शाकंभरी माता, हर्षनाथ, लोहार्गल, नवलगढ़, मंडावा और डूंडलोद जैसे धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थल शेखावाटी की विशिष्ट पहचान हैं। इन स्थलों के विकास और संरक्षण से पर्यटन को नई गति मिलेगी।

शेखावाटी के विकास की राह होगी प्रशस्त

नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री स्वतंत्र प्रभार झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में शेखावाटी की दशकों पुरानी जल आवश्यकता पूरी होने जा रही है। इससे सीकर, झुंझुनूं और चूरू में विकास की नई राह प्रशस्त होगी।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत को सच्ची श्रद्धांजलि है। शेखावाटी फाउंडेशन के अध्यक्ष विजय गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री के भागीरथी प्रयासों से शेखावाटी की प्यासी धरती को यमुना जल मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे क्षेत्र का समग्र विकास और भावी पीढ़ियों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित होगा।

कार्यक्रम में सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजोर, विधायक कालीचरण सराफ, गोरधन वर्मा, हरलाल सहारण, राजेंद्र भांबू, सुभाष मील, गोपाल शर्मा, धर्मपाल गुर्जर और विक्रम सिंह जाखल सहित जनप्रतिनिधि, शेखावाटी फाउंडेशन के पदाधिकारी तथा विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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