Tuesday, 21 July 2026

पंचायती राज मंत्री के भाई का परिचित बताकर तबादले के नाम पर ठगी, सांगोद पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार


पंचायती राज मंत्री के भाई का परिचित बताकर तबादले के नाम पर ठगी, सांगोद पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

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महिला ग्राम विकास अधिकारी से 20 हजार रुपये लेने का आरोप, जांच में पंचायती राज मंत्री और उनके परिजनों से कोई संबंध या अनुशंसा नहीं मिली

कोटा। सांगोद थाना पुलिस ने पंचायती राज मंत्री के भाई का परिचित होने का दावा कर ग्राम विकास अधिकारियों से तबादला और डेपुटेशन कराने के नाम पर रुपये ऐंठने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने महिला ग्राम विकास अधिकारी से 20 हजार रुपये अग्रिम लेकर जल्द तबादला कराने का भरोसा दिलाया था।

ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि दीगोद ग्राम पंचायत में कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी मंजुला बैरागी ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार बारां निवासी नरोत्तम बडारिया ने स्वयं को पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के भाई का परिचित बताया और प्रभाव का इस्तेमाल कर उनका डेपुटेशन एवं तबादला कराने का आश्वासन दिया।

आरोपी ने दावा किया कि पंचायती राज मंत्री के भाई के माध्यम से तबादले का काम आसानी से हो जाएगा। इसके बदले उसने महिला अधिकारी से 20 हजार रुपये अग्रिम ले लिए। आरोप है कि वह लगातार यह कहता रहा कि जयपुर में मंत्री से बात हो चुकी है और उनका नाम आगामी तबादला सूची में शामिल करा दिया जाएगा।

दो अन्य लोगों से भी रुपये मांगने का आरोप

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने कथित रूप से दो अन्य लोगों को भी इसी प्रकार तबादला कराने का झांसा दिया था। उनसे 50-50 हजार रुपये की मांग की गई थी। इनमें से एक व्यक्ति से आरोपी ने 20 हजार रुपये अग्रिम भी प्राप्त कर लिए थे।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी को पंचायती राज मंत्री अथवा उनके परिजनों की ओर से किसी प्रकार की स्वीकृति या अनुशंसा प्राप्त नहीं थी। उसने कथित रूप से उनके नाम का इस्तेमाल कर अधिकारियों को विश्वास में लिया और रुपये प्राप्त किए।

तबादला नहीं हुआ तो मंत्री के भाई से किया संपर्क

काफी समय बीतने के बावजूद तबादला नहीं होने पर मंजुला बैरागी ने स्वयं पंचायती राज मंत्री के भाई से संपर्क किया। बातचीत के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि तबादले के संबंध में उनके पास कोई अनुरोध अथवा अनुशंसा नहीं पहुंची थी।

मंत्री के भाई ने भी आरोपी से किसी प्रकार का संबंध होने या तबादला प्रक्रिया में अपनी भूमिका से इनकार किया। इसके बाद महिला ग्राम विकास अधिकारी ने कोटा में पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के समक्ष मामले की शिकायत रखी।

पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को पकड़ा

शिकायत मिलने के बाद सांगोद थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयान, रुपये के लेन-देन और आरोपी द्वारा किए गए दावों से संबंधित साक्ष्यों का परीक्षण किया। प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि होने पर आरोपी नरोत्तम बडारिया को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने मंत्री अथवा अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम का इस्तेमाल कर कितने लोगों से रुपये लिए और क्या इस कथित ठगी में अन्य व्यक्ति भी शामिल हैं।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि तबादला, नियुक्ति अथवा किसी सरकारी कार्य के नाम पर रुपये मांगने वाले व्यक्तियों के झांसे में नहीं आएं और ऐसी गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित विभाग या पुलिस को दें।

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