



हाईकोर्ट में सरकार ने पेश की समय-सारिणी, पहले होंगे निकाय चुनाव, उसके बाद पंचायत चुनाव की प्रक्रिया होगी शुरू
जयपुर। राजस्थान में लंबे समय से लंबित नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने सोमवार को चुनाव की प्रस्तावित तारीखें और पूरी समय-सारिणी अदालत के समक्ष प्रस्तुत की। सरकार ने बताया कि नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा 17 अगस्त को की जाएगी, जबकि पंचायत चुनाव का कार्यक्रम 23 सितंबर को जारी होगा।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार के जवाब पर कहा कि अदालत को चुनाव प्रक्रिया की सामान्य समयसीमा नहीं, बल्कि चुनाव की स्पष्ट तारीख जाननी है। इस पर सरकार की ओर से बताया गया कि पहले नगरीय निकायों के चुनाव कराए जाएंगे और उसके बाद पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी।
सरकार के अनुसार, निकाय चुनाव की अधिसूचना 17 अगस्त को जारी करने की तैयारी है। इसके बाद 23 सितंबर को पंचायत चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया जाएगा। चुनाव अलग-अलग चरणों में कराए जा सकते हैं और पूरी प्रक्रिया नवंबर तक सम्पन्न होने की संभावना है।
स्वायत्त शासन विभाग के उपनिदेशक ने हाईकोर्ट में जवाब प्रस्तुत करते हुए बताया कि अदालत के 16 जुलाई के आदेश की पालना में शनिवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी।
बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव, ओबीसी आयोग के सचिव, स्वायत्त शासन विभाग और पंचायती राज विभाग के सचिव सहित संबंधित अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में ओबीसी सर्वे रिपोर्ट, आरक्षण निर्धारण, लॉटरी प्रक्रिया और चुनाव कार्यक्रम को लेकर विभागवार समयसीमा तय की गई।
निर्णय के अनुसार, ओबीसी आयोग 5 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा। इसके बाद स्वायत्त शासन विभाग और पंचायती राज विभाग अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की लॉटरी प्रक्रिया पूरी करेंगे।
सरकार ने अदालत को बताया कि एससी, एसटी, ओबीसी और महिला आरक्षण की लॉटरी 15 अगस्त तक पूरी कर ली जाएगी। आरक्षित सीटों का निर्धारण होने के बाद संबंधित विवरण राज्य निर्वाचन आयोग को उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके आधार पर चुनाव कार्यक्रम जारी होगा।
सरकार के अनुसार, आरक्षण लॉटरी की तारीख से राज्य निर्वाचन आयोग 90 दिन के भीतर प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव सम्पन्न करा सकता है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार अलग-अलग चरणों में मतदान कराते हुए चुनाव प्रक्रिया 15 नवंबर तक पूरी किए जाने की संभावना है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में पहले नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिका चुनाव कराए जाएंगे। निकाय चुनाव की प्रक्रिया के बाद ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव कराए जाएंगे।
निकाय चुनाव की घोषणा 17 अगस्त को किए जाने और पंचायत चुनाव का कार्यक्रम 23 सितंबर को जारी होने की जानकारी सामने आने के बाद प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। संभावित प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों ने भी चुनावी तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया है।
प्रदेश में पंचायत चुनावों में देरी को लेकर गिर्राज सिंह देवंदा ने जनहित याचिका दायर की थी। वहीं, नगरीय निकाय चुनाव समय पर नहीं कराने के मुद्दे पर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
इन याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से चुनाव कराने की स्पष्ट समय-सारिणी मांगी थी। इसके बाद सरकार ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट, आरक्षण लॉटरी और चुनाव घोषणा से जुड़ा चरणबद्ध कार्यक्रम अदालत के समक्ष रखा।
अब चुनाव की अंतिम प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग की औपचारिक अधिसूचना और हाईकोर्ट के आगामी निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ेगी।