Tuesday, 21 July 2026

संसद मार्च के दौरान CJP समर्थकों और पुलिस में टकराव, आंसू गैस से भीड़ तितर-बितर, दीपके ने तोड़ा


संसद मार्च के दौरान CJP समर्थकों और पुलिस में टकराव, आंसू गैस से भीड़ तितर-बितर, दीपके ने तोड़ा

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संसद भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा पार करने का किया प्रयास, सरकार से बातचीत के बीच आंदोलन फिलहाल स्थगित रखने की अपील

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान सोमवार को दिल्ली में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर बढ़े और कई स्थानों पर पुलिस की बैरिकेडिंग एवं सुरक्षा घेरा पार करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों के संसद भवन के नजदीक पहुंचने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद प्रदर्शनकारी अलग-अलग दिशाओं में बिखर गए। मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई स्थानों पर धक्का-मुक्की भी हुई। उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर जाने वाले सुरक्षा अवरोधों को पार करने का प्रयास किया था।

घटनाक्रम के समय संसद का मानसून सत्र चल रहा था और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संसद परिसर में मौजूद थे। स्थिति को देखते हुए संसद भवन और आसपास के उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया।

मेट्रो स्टेशनों से भी संसद की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी

इससे पहले CJP समर्थक राजीव चौक और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन सहित मध्य दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर एकत्र हुए थे। कई प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार करते हुए पार्लियामेंट स्ट्रीट क्षेत्र तक पहुंच गए, जहां पुलिस ने उन्हें रोककर हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस ने पहले ही स्पष्ट किया था कि संसद मार्च की अनुमति नहीं दी गई है।

जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ते प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की थी। मौके पर वाटर कैनन और दंगा नियंत्रण वाहनों की भी तैनाती की गई। इसके बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा पार कर संसद भवन की दिशा में आगे बढ़ गए।

अभिजीत दीपके ने समाप्त की भूख हड़ताल

इस बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। दीपके ने जंतर-मंतर पर करीब ढाई दिन से चल रहा अनशन समाप्त करते हुए कहा कि संगठन और केंद्र सरकार के बीच बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने समर्थकों से फिलहाल शांति बनाए रखने और बातचीत के परिणाम सामने आने तक आंदोलन को स्थगित रखने की अपील की।

दीपके ने कहा कि भूख हड़ताल समाप्त करने का अर्थ संगठन की मांगों को वापस लेना नहीं है। CJP कथित परीक्षा अनियमितताओं, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने सहित अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखती रहेगी।

जेपी नड्डा से मिला CJP प्रतिनिधिमंडल

CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। संगठन के अनुसार, बैठक में आंदोलनकारियों की मांगों, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और सरकार के साथ आगे की बातचीत को लेकर चर्चा की गई। सरकार की ओर से संवाद शुरू किए जाने के बाद CJP नेतृत्व ने अपने समर्थकों से तत्काल किसी उग्र कार्रवाई से बचने का आह्वान किया।

अस्पताल से संसद मार्च में शामिल होना चाहते हैं वांगचुक

उधर, सफदरजंग अस्पताल में भर्ती पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर उन्हें डिस्चार्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह संसद मार्च में शामिल होना चाहते हैं। वांगचुक लंबे समय से भूख हड़ताल पर हैं और चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, लंबे अनशन के कारण वांगचुक कमजोर हैं और उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी आवश्यक है। दूसरी ओर, वांगचुक एवं उनके समर्थक उनकी अस्पताल में मौजूदगी और आवाजाही पर लगाए गए कथित प्रतिबंधों पर सवाल उठा रहे हैं।

फिलहाल CJP नेतृत्व और केंद्र सरकार के बीच बातचीत जारी है। आंदोलन की आगामी रणनीति प्रतिनिधिमंडल और सरकार के बीच वार्ता के परिणाम के आधार पर तय होने की संभावना है।

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