


चित्तौड़गढ़। कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर में जबरन प्रवेश करने और हंगामा करने के आरोप में मंडफिया थाना पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि चारों युवक मंदिर के प्रतिबंधित गेट से प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। सुरक्षाकर्मियों के रोकने पर वे उनसे उलझ गए और बैरिकेड्स को क्षतिग्रस्त कर भीतर घुसने का प्रयास किया।
थानाधिकारी रवींद्र सेन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मनासा मंडी निवासी गणेश कुमावत, बागोर भीलवाड़ा निवासी किशन लोहार, बलौदा गायत्री नगर निवासी आशीष लोहार और गुनास भीलवाड़ा निवासी माधव अहीर शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, चारों युवक मंदिर के प्रतिबंधित गेट पर लगे बैरिकेड्स के ऊपर चढ़ गए और उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद उन्होंने जबरन मंदिर परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की। घटना के कारण मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
सूचना मिलने पर मंडफिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और चारों युवकों को शांतिभंग तथा उत्पात मचाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारीदास वैष्णव ने स्पष्ट किया कि जिस गेट पर हंगामा हुआ, वह वीआईपी दर्शन के लिए निर्धारित प्रवेश मार्ग नहीं है। यह गेट केवल मंदिर कर्मचारियों और स्टाफ के आवागमन के लिए आरक्षित है।
उन्होंने कहा कि आरोपियों ने वीआईपी प्रवेश की मांग करते हुए वहां जबरन घुसने का प्रयास किया और बैरिकेड्स को नुकसान पहुंचाया। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित प्रवेश मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था का पालन करने की अपील की है।
इधर, श्री सांवलियाजी सेठ मंदिर का भंडार सोमवार को चतुर्दशी के अवसर पर खोला गया। मंदिर बोर्ड अध्यक्ष हजारीदास वैष्णव की मौजूदगी में पहले चरण की गणना की गई।
पहले चरण में दानपात्र से 10 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपए की नकदी प्राप्त हुई। भंडार से निकले सोने-चांदी के आभूषणों और मंदिर कार्यालय में श्रद्धालुओं द्वारा सीधे भेंट की गई नकदी एवं स्वर्ण-रजत सामग्री का वजन और मूल्यांकन अभी शेष है।
शेष नकदी की गणना 15 जुलाई को दूसरे चरण में की जाएगी।
अमावस्या मेले के चलते मंडफिया कस्बे और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। दर्शनार्थियों की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने कुरेठा नाका और मीरा चौक पर विशेष प्रवेश द्वार बनाए हैं।
मंदिर बोर्ड अध्यक्ष हजारीदास वैष्णव और थानाधिकारी रवींद्र सेन स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। श्रद्धालुओं और साधु-संतों के लिए शाम को महाप्रसादी का भी आयोजन किया गया।
भंडार गणना के दौरान मंदिर बोर्ड सदस्य पवन तिवारी, किशनलाल अहीर, रामलाल गुर्जर, नायब तहसीलदार शिवशंकर पारीक सहित बैंक और मंदिर प्रबंधन के कर्मचारी मौजूद रहे।