Monday, 13 July 2026

उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने विरासत संग्रहालय और रवीन्द्र मंच का किया निरीक्षण, समयबद्ध विकास कार्यों के निर्देश


उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने विरासत संग्रहालय और रवीन्द्र मंच का किया निरीक्षण, समयबद्ध विकास कार्यों के निर्देश

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उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने जीर्णोद्धार और आधारभूत सुविधाओं की प्रगति का लिया जायजा, गुणवत्ता से समझौता नहीं करने की हिदायत
जयपुर। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने सोमवार को जयपुर के किशनपोल बाजार स्थित विरासत संग्रहालय और प्रसिद्ध रवीन्द्र मंच का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दोनों स्थलों पर चल रहे जीर्णोद्धार, आधारभूत सुविधाओं और अन्य विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर और तय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण, मरम्मत और जीर्णोद्धार कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

दीया कुमारी ने कहा कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक, कलात्मक और ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का उद्देश्य ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित रखते हुए उन्हें आधुनिक सुविधाओं से विकसित करना है, ताकि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और अधिक मजबूत हो सके।

उन्होंने कहा कि विरासत संग्रहालय और रवीन्द्र मंच जैसे संस्थान राजस्थान की कला, संस्कृति और इतिहास के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इनके संरक्षण और विकास से न केवल स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं को बेहतर मंच मिलेगा, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर अनुभव प्राप्त होगा।

उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और प्रत्येक परियोजना की प्रगति की समीक्षा समय-समय पर की जाए। उन्होंने कहा कि सभी कार्य तय मानकों के अनुसार समय पर पूर्ण होने चाहिए, ताकि इन स्थलों को बेहतर सुविधाओं के साथ आमजन, कलाकारों और पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराया जा सके।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री को चल रहे कार्यों, प्रस्तावित सुधारों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। दीया कुमारी ने कहा कि सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण केवल भवनों की मरम्मत तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके मूल स्वरूप, उपयोगिता और गरिमा को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।

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