



पीपलू में तकनीकी खराबी से बाधित हुई बिजली आपूर्ति, अधिकारियों की समझाइश के बाद खुला रास्ता
टोंक। जिले के पीपलू कस्बे में 18 घंटे तक बिजली आपूर्ति बंद रहने से ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। रविवार रात करीब 10 बजे बस स्टैंड से रानोली रोड स्थित सब्जी मंडी क्षेत्र में बिजली के खंभे पर स्पार्किंग होने के बाद क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। शुरुआत में ट्रांसफॉर्मर खराब होने की आशंका जताई गई, लेकिन लंबे समय तक बिजली बहाल नहीं होने से तीन दर्जन से अधिक उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
भीषण गर्मी में बिजली बंद रहने से पेयजल आपूर्ति, घरेलू कार्य और दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो गईं। सोमवार दोपहर बाद नाराज ग्रामीणों और महिलाओं ने स्टेट हाईवे-121 पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का आरोप था कि रात से बिजली बंद होने के बावजूद समस्या का समय पर समाधान नहीं किया गया। उनका कहना था कि सहायक अभियंता का तबादला होने के बाद कार्यालय में जिम्मेदार अधिकारी उपलब्ध नहीं थे और कनिष्ठ अभियंता से भी संपर्क नहीं हो पा रहा था। इससे उपभोक्ताओं की नाराजगी और बढ़ गई।
जाम की सूचना मिलते ही पीपलू थाना पुलिस, बिजली निगम सोहेला के कनिष्ठ अभियंता चेतन प्रकाश और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया, जिसके बाद जाम समाप्त कराया गया और यातायात सुचारू हो सका।
ग्रामीणों के विरोध और मामला सामने आने के बाद उपखंड अधिकारी ने भी संज्ञान लिया। इसके बाद बिजली निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में ट्रांसफॉर्मर सही पाया गया, जबकि तकनीकी खराबी के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होना सामने आया। तकनीकी खराबी दूर करने के बाद बिजली आपूर्ति शुरू करवाई गई, हालांकि उपभोक्ताओं को कम वोल्टेज की समस्या का सामना करना पड़ा।
कनिष्ठ अभियंता चेतन प्रकाश ने बताया कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को पूरी तरह सामान्य करने के लिए आवश्यक तकनीकी कार्य किए जा रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर ट्रांसफॉर्मर बदलने की कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि करीब दो घंटे में बिजली व्यवस्था पूरी तरह सुचारू करने का प्रयास किया जा रहा है।
इधर, ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली निगम से भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं बनने देने और शिकायतों का समय पर समाधान करने की मांग की।