



अजमेर। अजमेर जिले के पुलिस महकमे में शनिवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने एक साथ 654 पुलिसकर्मियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। आदेश के तहत 17 थाना अधिकारी, 15 सब इंस्पेक्टर, 122 एएसआई और 500 कॉन्स्टेबलों को नई जिम्मेदारी दी गई है।
तबादला आदेश के अनुसार सभी कार्मिकों को तत्काल प्रभाव से अपने नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत पुलिसकर्मियों को भी इस फेरबदल में बदला गया है। पुलिस विभाग के इस बड़े बदलाव को कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा प्रशासनिक कार्यों में गति लाने की कवायद माना जा रहा है।
17 थाना अधिकारियों को नई जिम्मेदारी
तबादला सूची के अनुसार भवानी सिंह को मदनगंज, नरपतराम बाना को किशनगढ़, रोशन सामरिया को गेगल, अशोक विष्णु को पुष्कर, करण सिंह को नसीराबाद सिटी, राधेश्याम चौधरी को नसीराबाद सदर, जयवंत सिंह को श्रीनगर और हरीश चौधरी को मांगलियावास लगाया गया है।
इसके अलावा जगदीश प्रसाद को केकड़ी शहर, मुकेश चौधरी को केकड़ी सदर, सुरेंद्र सिंह को भिनाय, ओमप्रकाश मीना को आदर्श नगर, पारुल यादव को महिला थाना, अनिल कुमार शर्मा को अपराध शाखा, पुरखाराम को साइबर थाना तथा कल्पना राठौड़ को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, महिला अपराध एवं अनुसंधान कार्यालय में पदस्थापित किया गया है।
सब इंस्पेक्टर स्तर पर भी बदलाव
सब इंस्पेक्टर स्तर पर भी कई अधिकारियों को नई पोस्टिंग दी गई है। बनवारी मीणा को सावर, नाहर सिंह मीणा को सराना, जगदीश प्रसाद को बोराडा, राजेश कुमार भादवा को अलवर गेट, दुर्गा लाल मीणा को सरवाड़, रामप्रसाद मीणा को भिनाय और नरेंद्र सिंह को नसीराबाद सदर भेजा गया है।
इसी क्रम में करण सिंह को केकड़ी शहर, रूप सिंह को केकड़ी सदर, गोविंद कुमार को कार्य प्रणाली शाखा, नारायण सिंह को मदनगंज, राजमल को अरांई, अर्जुन लाल को सिविल लाइंस और दिलीप कुमार को अपराध शाखा में लगाया गया है।
एएसआई और कॉन्स्टेबलों की भी जारी हुई सूची
थाना अधिकारियों और सब इंस्पेक्टरों के अलावा 122 एएसआई और 500 कॉन्स्टेबलों की अलग-अलग तबादला सूची भी जारी की गई है। इस व्यापक फेरबदल के बाद जिले के विभिन्न थानों, शाखाओं और कार्यालयों में नई तैनाती के अनुसार कार्य व्यवस्था बदलेगी।
पुलिस विभाग के अनुसार इस तरह के प्रशासनिक फेरबदल से फील्ड पुलिसिंग, अपराध नियंत्रण, थानों की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।