



महात्मा गांधी हॉस्पिटल ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण की आशंका पर लिए गए सैंपल, हर केस की मेडिकल हिस्ट्री और उपचार प्रक्रिया की होगी विस्तृत समीक्षा
जयपुर/भीलवाड़ा। भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की मौत के मामले को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। पूरे प्रकरण की गहन जांच के लिए जयपुर से दो सदस्यीय विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भीलवाड़ा रवाना की गई है। टीम में डॉ. पवन और डॉ. अभिनव शामिल हैं, जो अस्पताल पहुंचकर प्रत्येक मामले की मेडिकल हिस्ट्री, उपचार प्रक्रिया और ऑपरेशन से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच करेंगे।
संयुक्त शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि प्रसूताओं की मौत अत्यंत गंभीर मामला है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी, चिकित्सक या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर मौत की अलग-अलग समीक्षा की जाएगी। प्रत्येक प्रसूता की मेडिकल हिस्ट्री, भर्ती की स्थिति, ऑपरेशन से पहले की जांच, सीजेरियन डिलीवरी की प्रक्रिया, ऑपरेशन के बाद दिया गया उपचार, दवाओं का उपयोग और हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी से जुड़े सभी पहलुओं का अलग-अलग विश्लेषण किया जाएगा। विभाग यह भी देखेगा कि संबंधित मरीजों को समय पर उचित इलाज उपलब्ध कराया गया या नहीं।
ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण की आशंका, सैंपल लिए गए
प्रारंभिक स्तर पर ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण की आशंका को देखते हुए अस्पताल के विभिन्न स्थानों से सैंपल लिए गए हैं। इन सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौतों के पीछे संक्रमण, चिकित्सकीय जटिलता, दवा प्रतिक्रिया, उपचार प्रक्रिया में कमी या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।
विभाग ने कहा है कि केवल प्रारंभिक रिपोर्ट या आशंका के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाएगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों की विस्तृत जांच, सैंपल रिपोर्ट और मेडिकल रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद ही मौतों के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों की अलग जांच
जांच टीम हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी से जुड़े प्रत्येक केस का अलग-अलग अध्ययन करेगी। इसमें यह देखा जाएगा कि जिन प्रसूताओं की मौत हुई, उनमें पहले से कोई गंभीर चिकित्सकीय स्थिति थी या नहीं। साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि अस्पताल ने ऐसे मामलों में आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन किया या नहीं।
संयुक्त शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता और गंभीरता से की जाएगी।
भीलवाड़ा के MG हॉस्पिटल में एक ही दिन में सीजेरियन डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की मौत से चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट और सैंपल परिणामों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।