



सोशल मीडिया विज्ञापन से संपर्क में आया युवक, बलारां थाने में मामला दर्ज, NIA केस में पक्ष में गवाही देने पर पैसे लौटाने का आरोप
सीकर। विदेश भेजने वाली कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलवाने के नाम पर करीब 64.86 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। सीकर जिले के बलारां थाना क्षेत्र के बैरास गांव निवासी रविकांत शर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए हरियाणा निवासी बलवंत कटारिया सहित अन्य लोगों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के अनुसार रविकांत शर्मा सोशल मीडिया पर दिखे एक विज्ञापन के जरिए हरियाणा निवासी बलवंत कटारिया के संपर्क में आया था। बलवंत ने उसे बताया कि उसकी एक फर्म है, जो लोगों को विदेश भेजने का काम करती है। उसने रविकांत को इस फर्म की फ्रेंचाइजी दिलाने का प्रस्ताव दिया और इसके लिए 50 लाख रुपए की मांग की।
रविकांत ने शुरुआत में फ्रेंचाइजी लेने से मना कर दिया और कहा कि वह साधारण परिवार से है तथा इतनी बड़ी राशि देने में सक्षम नहीं है। आरोप है कि इसके बाद बलवंत ने उसे सीकर मुख्यालय पर ऑफिस की व्यवस्था करने और रकम धीरे-धीरे देने के लिए कहा। इस पर रविकांत उसकी बातों में आ गया और सीकर में ऑफिस ले लिया।
दोस्त के साथ बनाई फर्म, फिर दिए लाखों रुपए
शिकायतकर्ता के अनुसार बलवंत की पत्नी रेणु और मंजू सिंह ने भी उसे फ्रेंचाइजी लेने के लिए प्रेरित किया। अकेले फीस नहीं दे पाने पर रविकांत ने अपने दोस्त विनोद कुमार से बात की। इसके बाद विनोद कुमार ने आरवी कंसल्टेंसी नाम से फर्म बनाई।
ऑफिस के उद्घाटन के समय बलवंत कटारिया भी मौजूद रहा। इसके बाद बलवंत की कंपनी और आरवी कंसल्टेंसी के बीच व्यवसायिक संबंधों को लेकर एक डीड तैयार करवाई गई। शिकायत के अनुसार डीड होने के बाद रविकांत ने रेणु और मंजू को 56 लाख 86 हजार 785 रुपए दे दिए।
NIA केस का हवाला, फिर और रुपए लेने का आरोप
शिकायत में बताया गया कि बाद में पता चला कि बलवंत कटारिया को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने मानव तस्करी, धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में गिरफ्तार किया है। इसके बाद कंपनी की डायरेक्टर बताई गई मंजू सिंह फरार हो गई और पूरा काम बलवंत की पत्नी रेणु ने संभाल लिया।
आरोप है कि रेणु ने पहले दिए गए पासपोर्ट का काम आगे बढ़ाने सहित अन्य कार्यों के नाम पर रविकांत से 8 लाख रुपए और ले लिए। इस बीच जिन लोगों ने विदेश भेजे जाने के नाम पर रविकांत और विनोद को पैसे दिए थे, वे अपनी रकम वापस मांगने लगे और उन पर दबाव बनाने लगे।
गवाही देने पर ही पैसे लौटाने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि 5 अप्रैल 2026 को जब वह बलवंत कटारिया के घर गया, तो बलवंत की पत्नी रेणु ने कहा कि पैसे तभी मिलेंगे, जब वह NIA कोर्ट में चल रहे मुकदमों में उनके पक्ष में गवाही देने की लिखित बात देगा। इसी दौरान बलवंत द्वारा पिस्टल दिखाकर धमकाने का भी आरोप लगाया गया है।
बलारां पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपों, लेनदेन, डीड, बैंक रिकॉर्ड, फर्म से जुड़े दस्तावेज और संबंधित पक्षों की भूमिका की जांच करेगी।