Wednesday, 08 July 2026

11 करोड़ से बना श्री धरणीधर मंदिर, अब एक करोड़ की लागत से बनेगा राष्ट्रीय उद्यान


11 करोड़ से बना श्री धरणीधर मंदिर, अब एक करोड़ की लागत से बनेगा राष्ट्रीय उद्यान

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

टोंक। मांडव ऋषि की तपोभूमि और मिनी पुष्कर के रूप में प्रसिद्ध मांडकला-नगरफोर्ट सरोवर तट पर स्थित श्री धरणीधर मंदिर राष्ट्रीय स्मारक का पुनर्निर्माण कार्य लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हो चुका है। धाकड़ समाज की एकता, अखंडता और आस्था के प्रतीक आदि पूर्वज आराध्य देव श्री धरणीधर मंदिर परिसर में अब एक करोड़ रुपये की लागत से “श्री धरणीधर राष्ट्रीय उद्यान” का निर्माण और सौंदर्यकरण किया जाएगा।

श्री धरणीधर राष्ट्रीय उद्यान निर्माण समिति मांडकला-नगरफोर्ट के प्रबंधक प्रहलाद धाकड़ सेवक ने बताया कि यह दिव्य, अलौकिक और आकर्षक उद्यान अखिल भारतीय श्री धाकड़ महासभा भारतवर्ष के तत्वावधान में विकसित किया जाएगा। उद्यान का निर्माण कार्य लगभग दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रहलाद धाकड़ ने बताया कि उद्यान को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से विशेष रूप से आकर्षक बनाया जाएगा। इसमें चार धाम यात्रा की झांकी, प्राकृतिक झीलें, झूले, फव्वारे, विशेष लाइटिंग और धार्मिक व आध्यात्मिक स्टैच्यू स्थापित किए जाएंगे। रात्रि के समय आकर्षक रोशनी की व्यवस्था उद्यान की सुंदरता को और बढ़ाएगी।

उद्यान परिसर को खुशबूदार फूलों, लताओं और हरित वातावरण से सजाया जाएगा। इसके साथ ही किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए धाकड़ समाज के रूपाजी और कृपाजी का स्मारक भी यहां बनाया जाएगा, जो समाज की गौरवगाथा और बलिदान की याद दिलाएगा।

उन्होंने बताया कि इस उद्यान का निर्माण भारतभर के स्वजातीय भामाशाहों, प्रतिष्ठित व्यवसाय बंधुओं और अखिल भारतीय धाकड़ महासभा के राष्ट्रीय, प्रांतीय, जिला और तहसील स्तरीय पदाधिकारियों के सहयोग से किया जाएगा।

प्रबंधक प्रहलाद धाकड़ ने कहा कि श्री धरणीधर राष्ट्रीय उद्यान बनने के बाद यह स्थल केवल धाकड़ समाज ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए आस्था, संस्कृति और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा। मंदिर और उद्यान के विकसित होने से मांडकला-नगरफोर्ट क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

    Previous
    Next

    Related Posts