



करौली। करौली जिले में पांचना बांध से जल निकासी शुरू होने के बाद भी विवाद पूरी तरह शांत नहीं हो सका है। कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी पहुंचने के बावजूद किसान आंदोलन और जाम जारी रखे हुए हैं। हिण्डौन, गंगापुर सिटी और आसपास के कई इलाकों में किसान सड़क पर डटे रहे, जिससे आमजन और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
लगातार जारी जाम के कारण हिण्डौन-करौली और हिण्डौन-गंगापुर सिटी मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। देर शाम तक कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। जाम के चलते लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
रोडवेज बसों का संचालन बंद
सड़क मार्ग बाधित होने के कारण राजस्थान रोडवेज ने हिण्डौन-करौली और हिण्डौन-गंगापुर सिटी मार्ग पर बसों का संचालन बंद कर दिया। बस सेवा ठप होने से बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। कई यात्रियों को निजी वाहनों या अन्य मार्गों से सफर करना पड़ा। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार मार्ग खुलने के बाद ही बसों का नियमित संचालन शुरू किया जाएगा।
नहरों में पानी पहुंचा, फिर भी किसानों में नाराजगी
मंगलवार देर शाम तक पांचना बांध का पानी कमांड क्षेत्र की नहरों के जरिए बांदी गांव तक पहुंच गया। इसके बावजूद किसानों का कहना है कि नहर में पानी का दबाव पर्याप्त नहीं है। किसानों का आरोप है कि मौजूदा जल प्रवाह से अंतिम छोर तक सिंचाई संभव नहीं होगी। उनकी मांग है कि पानी का प्रवाह बढ़ाया जाए, ताकि सभी गांवों और खेतों तक समान रूप से पानी पहुंच सके।
जल पूजन कार्यक्रम टला
कुसमाय गांव में पानी पहुंचने पर जल पूजन कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के समय पर नहीं पहुंचने के कारण कार्यक्रम नहीं हो सका। बाद में मंत्री गंगापुर सिटी पहुंचे, लेकिन कुछ देर रुकने के बाद लौट गए। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी ग्रामीणों से बातचीत के लिए पहुंचे, लेकिन विरोध के चलते उन्हें भी वापस लौटना पड़ा।
समाधान के लिए वार्ता की कोशिश जारी
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा पहले ही ग्रामीणों से बातचीत कर आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से आज भी किसानों से वार्ता की कोशिश की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि बातचीत के माध्यम से जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
पांचना बांध से जल निकासी शुरू होने के बावजूद किसानों की नाराजगी से स्पष्ट है कि विवाद का स्थायी समाधान अभी बाकी है। अब प्रशासन के सामने चुनौती है कि जल वितरण को लेकर किसानों की आशंकाओं को दूर कर मार्गों पर यातायात सामान्य कराया जाए।