


जैसलमेर। जैसलमेर में आर्मी कैंट परिसर स्थित CSD कैंटीन में रविवार को अचानक भीषण आग लग गई। हाई-सिक्योरिटी सैन्य क्षेत्र में आग की लपटें और धुएं का गुबार उठता देख कैंटोनमेंट परिसर और आसपास के इलाकों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे में कैंटीन के भीतर रखा लाखों रुपए का घरेलू सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और राशन सामग्री जलकर राख हो गई।
जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर कैंटीन परिसर में सामान्य कामकाज चल रहा था। इसी दौरान इमारत के एक हिस्से से अचानक धुआं उठने लगा। जैसलमेर के गर्म मौसम और तेज हवाओं के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते पूरी CSD कैंटीन को अपनी चपेट में ले लिया।
कैंटीन के अंदर घरेलू उपयोग का सामान, पैकेज्ड फूड आइटम्स और अन्य सामग्री रखी होने के कारण आग तेजी से फैली। आग से उठता काला धुआं दूर तक दिखाई दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए सेना के दमकल वाहनों के साथ सिविल डिफेंस और स्थानीय प्रशासन की टीमों को तत्काल अलर्ट किया गया।
आपात स्थिति से निपटने के लिए कुल 8 दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। सेना के जवानों और नागरिक प्रशासन के फायर फाइटर्स ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। चूंकि कैंटीन के आसपास सेना की अन्य महत्वपूर्ण इमारतें और आवासीय क्षेत्र भी मौजूद हैं, इसलिए सबसे बड़ी चुनौती आग को आगे फैलने से रोकना था।
दमकल कर्मियों और सेना की रेस्क्यू टीम ने चारों ओर से पानी की बौछार कर करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। समय रहते की गई कार्रवाई के चलते आग को कैंटीन परिसर तक ही सीमित रखा गया और इसे आसपास की अन्य इमारतों तक फैलने से रोक लिया गया।
घटना के बाद एहतियात के तौर पर पूरे इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। सैन्य अधिकारियों की ओर से राहत की बात यह बताई गई कि हादसे में किसी सैनिक, अधिकारी या नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगते ही परिसर में मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।
शुरुआती जांच में आग लगने का कारण बिजली के पैनल में शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, आग के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए सेना और जिला प्रशासन की ओर से विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
आग पर काबू पाने के बाद अब सेना के अधिकारी और स्थानीय प्रशासन की टीमें CSD कैंटीन में हुए नुकसान का आकलन कर रही हैं। यह कैंटीन जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन में तैनात जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की दैनिक जरूरतों का प्रमुख केंद्र है। प्रशासन और संबंधित अधिकारी जल्द से जल्द व्यवस्था को फिर से सुचारु करने के प्रयास में जुटे हैं।