Tuesday, 30 June 2026

शिक्षा अवसरों का द्वार खोलती है, संघर्ष से आगे बढ़े प्रेम सिंह बाजोर ने छात्रों से की कार्यक्रम में शामिल होने की अपील


शिक्षा अवसरों का द्वार खोलती है, संघर्ष से आगे बढ़े प्रेम सिंह बाजोर ने छात्रों से की कार्यक्रम में शामिल होने की अपील

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सीकर/नीमकाथाना। नीमकाथाना से दो बार विधायक रहे और वर्तमान में सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजोर ने छात्रों से शिक्षा के महत्व को समझने और 3 जुलाई को नीमकाथाना में होने वाले एजुकेशनल प्रोग्राम में शामिल होने की अपील की है। बाजोर का मानना है कि शिक्षा केवल किताबों और परसेंटाइल की दौड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन से मिले अनुभव भी सबसे बड़ी शिक्षा होते हैं।

प्रेम सिंह बाजोर शिक्षा को इसलिए महत्वपूर्ण बताते हैं, क्योंकि शिक्षा व्यक्ति को अवसरों का विकल्प देती है। उनका कहना है कि हर किसी की जिंदगी केवल भाग्य के भरोसे नहीं चल सकती। संघर्ष, मेहनत और शिक्षा ही व्यक्ति को आगे बढ़ाने का वास्तविक आधार बनते हैं।

संघर्षों से निकले बाजोर, बोले- 10 रुपए महीने में बर्तन मांझे

सीकर प्रवास के दौरान जब प्रेम सिंह बाजोर से पूछा गया कि उन्होंने अपने खर्चे पर शहीदों की हजार से अधिक प्रतिमाएं लगवाईं, इसका इंतजाम कैसे करते हैं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए अपने संघर्षों को याद किया।

बाजोर ने कहा कि उन्होंने जीवन में 10 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से लोगों के घरों में बर्तन मांझे हैं। पत्थर ढोने का काम किया है। ट्रक चलाया, जूठे गिलास धोए और लक्ष्मणगढ़ में मजदूरी कर पत्थर ढोए। उन्होंने कहा कि उनके पास लगाने के लिए कुछ नहीं था, लेकिन जहां से जो संभव हुआ, उससे शहीदों की प्रतिमाएं लगवाने का काम करते रहे।

शिक्षा जीवन बदलने की ताकत देती है

बाजोर का कहना है कि जीवन में संघर्ष बहुत कुछ सिखाता है, लेकिन शिक्षा उस संघर्ष को दिशा देती है। शिक्षा व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाती है और उसे बेहतर विकल्प चुनने की क्षमता देती है। इसी कारण वे युवाओं और छात्रों को शिक्षा से जुड़ने, सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और जीवन में सही निर्णय लेने की ताकत भी देती है। आज के समय में छात्रों को पढ़ाई के साथ जीवन मूल्यों, मेहनत और अनुशासन को भी समझना चाहिए।

सादगी के लिए भी जाने जाते हैं बाजोर

प्रेम सिंह बाजोर अपनी सादगी के लिए भी चर्चा में रहते हैं। कई बार समय की कमी होने पर वे सफर के दौरान गाड़ी में ही हाथ में रोटी लेकर भोजन कर लेते हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि वे जमीन से जुड़े नेता हैं और अपने संघर्षों को कभी नहीं भूलते।

शहीदों की प्रतिमाएं लगवाने के कार्य को लेकर भी बाजोर लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। वे इसे राष्ट्र सेवा और शहीद परिवारों के सम्मान से जुड़ा कार्य मानते हैं।

3 जुलाई को एजुकेशनल प्रोग्राम में शामिल होने की अपील

प्रेम सिंह बाजोर ने छात्रों से अपील की है कि वे 3 जुलाई को नीमकाथाना में आयोजित एजुकेशनल प्रोग्राम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को नई दिशा, प्रेरणा और अवसरों की समझ देते हैं।

बाजोर ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा, मेहनत और सकारात्मक सोच जरूरी है। शिक्षा ही वह शक्ति है, जो सामान्य परिस्थितियों से निकले

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