


भरतपुर। भरतपुर जिले के बयाना इलाके में सांप के काटने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक किसान को जहरीले सांप कॉमन करैत ने पैर में डस लिया। घटना के बाद युवक ने घबराने के बजाय हिम्मत दिखाई और बिना समय गंवाए सांप को पकड़कर प्लास्टिक की बोतल में बंद किया। इसके बाद वह उसी सांप को लेकर अस्पताल पहुंच गया।
अस्पताल में बोतल के अंदर जिंदा सांप को देखकर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ एक बार सहम गए। हालांकि सांप की पहचान होने से डॉक्टरों को इलाज शुरू करने में मदद मिली। फिलहाल युवक की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, बयाना क्षेत्र के सालाबाद गांव निवासी जोगेंद्र सिंह उम्र करीब 40 वर्ष रविवार रात करीब 2 बजे टॉयलेट जाने के लिए उठे थे। अंधेरा होने के कारण सीढ़ियों पर बैठा सांप उन्हें दिखाई नहीं दिया। उनका पैर अनजाने में सांप के ऊपर पड़ गया।
पैर पड़ते ही सांप ने जोगेंद्र सिंह के पैर में काट लिया। सांप के डसते ही जोगेंद्र ने तुरंत परिवार के लोगों को जगाया। जब लाइट जलाई गई तो सीढ़ियों पर जहरीला सांप दिखाई दिया।
जोगेंद्र सिंह ने हिम्मत दिखाते हुए सांप को किसी तरह पकड़ा और पास ही पड़ी प्लास्टिक की खाली बोतल में बंद कर दिया। इसके बाद परिवारजन उन्हें तुरंत बयाना के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल पहुंचकर जोगेंद्र ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को बोतल दिखाते हुए बताया कि इसी सांप ने उन्हें काटा है। बोतल में रेंगते जिंदा सांप को देखकर अस्पताल स्टाफ भी कुछ पल के लिए घबरा गया।
डॉक्टरों ने बोतल में बंद सांप को देखकर उसकी पहचान कॉमन करैत के रूप में की। सांप की पहचान होने से डॉक्टरों को उपचार की दिशा तय करने में मदद मिली और उसी आधार पर जोगेंद्र का इलाज शुरू किया गया।
समय पर अस्पताल पहुंचने और सही उपचार मिलने के कारण जोगेंद्र सिंह की हालत फिलहाल स्थिर है। डॉक्टरों के अनुसार, सांप के काटने के मामलों में समय पर उपचार बेहद जरूरी होता है।
कॉमन करैत को भारत के अत्यंत जहरीले सांपों में गिना जाता है। यह अक्सर रात में सक्रिय रहता है और कई बार अंधेरे में दिखाई नहीं देता। ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय बिना रोशनी के चलना जोखिम भरा हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सांप के काटने पर घबराने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचना चाहिए। सांप को पकड़ने की कोशिश करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इससे दोबारा काटने का खतरा रहता है। सुरक्षित दूरी बनाकर पहचान की जानकारी या फोटो उपलब्ध हो तो डॉक्टरों को उपचार में मदद मिल सकती है।
जोगेंद्र सिंह की हिम्मत और समझदारी की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर वह समय पर अस्पताल नहीं पहुंचते तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। वहीं अस्पताल स्टाफ भी बोतल में जिंदा सांप देखकर हैरान रह गया।
फिलहाल जोगेंद्र का इलाज जारी है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।