



विवाह-तलाक का रजिस्ट्रेशन होगा जरूरी, बहुविवाह पर पूर्ण रोक, खेजड़ी-रोहिड़ा समेत 29 पेड़ों की कटाई प्रतिबंधित, शहीद सैनिकों के 35 परिवारों को मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति
जयपुर। पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों की आचार संहिता लागू होने से पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए। कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक और ट्री राजस्थान प्रोटेक्शन एक्ट को मंजूरी दे दी है। दोनों विधेयकों को 20 अगस्त से शुरू होने वाले राजस्थान विधानसभा के सत्र में पेश किया जाएगा।
इसके साथ ही राज्य कर्मचारियों और अधिकारियों को पदोन्नति के लिए आवश्यक सेवा अवधि में दो साल की छूट देने, शहीद सैनिकों के 35 परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति देने सहित कई निर्णय किए गए।
कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता विधेयक का अनुमोदन कर दिया। प्रस्तावित कानून में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप से संबंधित व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है। आदिवासी और जनजातीय क्षेत्रों की परंपराओं और रीति-रिवाजों को इसके दायरे से बाहर रखने का प्रावधान किया गया है।
प्रस्तावित कानून के तहत विवाह का 60 दिन के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। तलाक का रजिस्ट्रेशन भी जरूरी होगा। वहीं लिव-इन रिलेशनशिप शुरू होने और समाप्त होने की जानकारी देनी होगी। निर्धारित रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर 10 हजार रुपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
यूसीसी लागू होने के बाद प्रदेश में बहुविवाह यानी एक से अधिक विवाह पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। वहीं पुनर्विवाह की अनुमति रहेगी।
उत्तराधिकार से जुड़े प्रावधानों में पुत्र और पुत्रियों को समान अधिकार देने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पिता से पहले पुत्र की मृत्यु होने की स्थिति में पोते के संपत्ति संबंधी अधिकार का भी प्रावधान किया गया है।
कैबिनेट ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला किया है। पदोन्नति के लिए निर्धारित न्यूनतम सेवा अनुभव में दो साल की छूट को मंजूरी दी गई है।
इसकी घोषणा राज्य सरकार ने बजट में की थी, लेकिन कैबिनेट की मंजूरी नहीं मिलने के कारण नोटिफिकेशन जारी नहीं हो सका था। अब पिछले तीन साल में इस छूट का लाभ नहीं ले पाने वाले पात्र कर्मचारी भी इसके दायरे में आएंगे।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कैबिनेट ने ट्री राजस्थान प्रोटेक्शन एक्ट को मंजूरी दी है। विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल के अनुसार संत समाज और पर्यावरण प्रेमियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए खेजड़ी, रोहिड़ा सहित कुल 29 प्रजातियों के पेड़ों की कटाई को प्रतिबंधित करने का प्रावधान किया गया है।
विशेष परिस्थितियों में पेड़ काटना आवश्यक होने पर सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। अनुमति मिलने की स्थिति में निर्धारित संख्या से 10 प्रतिशत अधिक पेड़ लगाने और उनका रखरखाव करने का प्रावधान किया गया है। यदि संबंधित व्यक्ति पौधरोपण करने में असमर्थ है तो उसे निर्धारित राशि जमा करानी होगी, जिससे सरकार पौधरोपण करवाएगी।
प्रस्तावित कानून में बिना अनुमति संरक्षित पेड़ काटने पर कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। दोषी पाए जाने पर एक लाख रुपए तक जुर्माना और एक साल तक की सजा हो सकती है। कानून के दायरे में व्यक्तिगत भूमि को भी निर्धारित प्रावधानों के तहत शामिल किया गया है।
कैबिनेट ने शहीद सैनिकों के परिवारों से संबंधित लंबित मामलों में भी बड़ा फैसला किया। आजादी से 31 अक्टूबर 1972 तक के ऐसे शहीद सैनिकों के 35 परिवारों, जिन्हें अब तक अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिली थी, उन्हें नियुक्ति देने का प्रावधान किया गया है। सरकार के इस फैसले से दशकों से अनुकंपा नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे इन परिवारों को राहत मिलने का रास्ता साफ होगा।
कैबिनेट से मंजूरी के बाद अब समान नागरिक संहिता और ट्री राजस्थान प्रोटेक्शन एक्ट से संबंधित विधेयकों को विधानसभा में पेश किया जाएगा। ऐसे में 20 अगस्त से शुरू होने वाला विधानसभा सत्र महत्वपूर्ण रहने वाला है। विधेयकों पर सदन में चर्चा और पारित होने के बाद इनके कानूनी स्वरूप की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।