



कोटा संभाग में 5 और उदयपुर में 5 निकाय ओबीसी के लिए आरक्षित, अजमेर संभाग में 28 निकाय अनारक्षित वर्ग में, पारदर्शिता के लिए ऑफलाइन निकाली जा रही लॉटरी
जयपुर। राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय चुनावों से पहले 309 शहरी निकायों के प्रमुख पदों के आरक्षण की तस्वीर साफ होने लगी है। जयपुर स्थित स्वायत्त शासन विभाग के सभागार में गुरुवार को आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके जरिए प्रदेश के 10 नगर निगमों के महापौर, 51 नगर परिषदों के सभापति और 248 नगरपालिकाओं के अध्यक्ष पदों का वर्गवार आरक्षण तय किया जा रहा है।
लॉटरी की प्रक्रिया सुबह करीब साढ़े दस बजे शुरू हुई। सबसे पहले अजमेर संभाग के निकायों के लिए लॉटरी निकाली गई। इसके बाद अलग-अलग संभागों के निकाय प्रमुख पदों का आरक्षण निर्धारित किया गया।
जयपुर संभाग में कुल 19 निकाय प्रमुख पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें अजीतगढ़, विराट नगर, विद्या विहार, मलसीसर, नीमराना, बहादुरपुर, बांदीकुई, नौगांव, भिवाड़ी, श्रीमाधोपुर, खेतड़ी, राजगढ़, चिड़ावा, दौसा, खाटूश्यामजी, पलसाना, दांतारामगढ़, मुंडावर और डूंडलोद शामिल हैं।
इनमें बांदीकुई, दौसा, नौगांव, खेतड़ी, नीमराना और खाटूश्यामजी को ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।
वहीं जयपुर संभाग में कई निकाय अनारक्षित श्रेणी में रखे गए हैं। इनमें जयपुर, बहरोड़, बिसाऊ, पिलानी, मुकुंदगढ़, किशनगढ़बास, रामगढ़ शेखावाटी, बानसूर, खंडेला, नारायणपुर, अलवर, लक्ष्मणगढ़, फागी, कालाडेरा, मंडेला सुल्ताना, जाखल, कोटकासिम, बगड़, बसवा, सिंघाना, सांभर, तिजारा, गोविंदगढ़ रामबाग, चाकसू, फुलेरा, जोबनेर और नीमकाथाना सहित अन्य निकाय शामिल हैं।
अजमेर संभाग में नावां, नागौर, हमीरगढ़, रियाबड़ी, सरवाड़, लाडनूं, जायल, डीडवाना, बासनी और जैतारण को ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इनमें तीन निकाय ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं।
इसके अलावा अजमेर संभाग में अनारक्षित वर्ग के लिए 28 निकाय निर्धारित किए गए हैं। इनमें गंगापुर, भीलवाड़ा, सावर, विजयनगर, ब्यावर, बिजोलिया, अजमेर, लम्बाहरिसिंह, जहाजपुर, मेड़ता सिटी, मांडलगढ़ और गुलाबपुर को महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।
वहीं बनेड़ा, केकड़ी, आसींद, मसूदा, कुचामन सिटी, मालपुरा, किशनगढ़, डिग्गी, रायपुर, कुचेरा, परबतसर, शाहपुरा, मकराना, नसीराबाद, मूंडवा, उनियारा, टोंक और डेगाना सहित अन्य निकाय अनारक्षित वर्ग में रखे गए हैं।
कोटा संभाग में अकलेरा, झालावाड़, अंता, कोटा और सुकेत के निकाय प्रमुख पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। इससे इन निकायों में आगामी चुनाव का राजनीतिक समीकरण भी बदल गया है।
बीकानेर संभाग में लूणकरणसर, सुजानगढ़, खाजूवाला, केसरीसिंहपुर, सरदारशहर, राजगढ़ (चूरू) और नोखा को ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।
भरतपुर संभाग में राजाखेड़ा और सरमथुरा के निकाय प्रमुख पद ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। वहीं रूपवास, बौंली, बृजनगर और सवाई माधोपुर को ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।
उदयपुर संभाग में सागवाड़ा, देवगढ़, धरियावद, कानोड़ और कुशलगढ़ के निकाय प्रमुख पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें सागवाड़ा और देवगढ़ ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
वहीं रावतभाटा, डूंगरपुर, भीम, छोटी सादड़ी, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और गढ़ी को अनारक्षित वर्ग में रखा गया है।
स्वायत्त शासन विभाग ने इस बार आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया ऑफलाइन रखी है। इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद हैं। कुछ राजनीतिक दलों की ओर से ऑनलाइन लॉटरी की पारदर्शिता को लेकर आशंका जताए जाने के बाद विभाग ने ऑफलाइन प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया। पूरी प्रक्रिया में करीब छह घंटे लगने की संभावना जताई गई है।
प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में आरक्षण तय होना आगामी चुनावों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों को उम्मीदवार चयन और स्थानीय चुनावी रणनीति नए सिरे से तैयार करनी होगी।