



जयपुर संभाग में 19 ओबीसी सीटें, अजमेर में 10 और जोधपुर में 8, एससी-एसटी महिला वर्ग के लिए भी कई निकाय प्रमुख पद आरक्षित
जयपुर। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों से पहले महापौर, सभापति और नगरपालिका अध्यक्ष पदों के आरक्षण की लॉटरी में अलग-अलग संभागों की तस्वीर साफ होने लगी है। एससी, एसटी, ओबीसी और इन वर्गों की महिला श्रेणी के लिए कई निकाय प्रमुख पद आरक्षित किए गए हैं। आरक्षण तय होने के साथ ही प्रदेश में राजनीतिक दलों और संभावित दावेदारों का चुनावी गणित भी बदलने लगा है। अजमेर संभाग में एससी वर्ग के लिए बोरावड़, दूनी, मेड़ता रोड, पुष्कर, खाटू खुर्द, टाटोटी, देवली और पीपलू को आरक्षित किया गया है।
भरतपुर संभाग में सपोटरा, टोडाभीम, उच्चैन, मंडरायल, बसेड़ी, मणिया, सूरौठ, खंडार और वजीरपुर को एससी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इनमें टोडाभीम, सपोटरा और सूरौठ एससी महिला वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं।
जयपुर संभाग में कुल 13 निकाय प्रमुख पद एससी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें बस्सी, बड़ोदामेव, कठूमर और भांडारेज एससी महिला वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
जोधपुर संभाग के कुल 41 निकायों में 10 निकाय प्रमुख पद एससी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें से तीन पद एससी महिला वर्ग के लिए हैं। मथानिया, धोरीमन्ना और बाप को एससी महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।
कोटा संभाग में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए कुल चार निकाय प्रमुख पद आरक्षित किए गए हैं। इनमें डग को एससी महिला वर्ग के लिए रिजर्व किया गया है।
बीकानेर संभाग में कुल पांच पद एससी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें से नापासर और घड़साना एससी महिला वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
उदयपुर संभाग में कुल चार निकाय प्रमुख पद अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें वल्लभनगर को एसटी महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।
जयपुर संभाग में मंडावर, मालाखेड़ा, लबाण, वाटिका, रामगढ़ पचवारा और मंडावरी एसटी वर्ग के लिए चिन्हित किए गए हैं। इनमें वाटिका और लबाण एसटी महिला वर्ग के लिए आरक्षित हैं। लॉटरी प्रक्रिया के दौरान स्कूली बच्ची आराध्या द्वारा भी पर्ची निकालकर पारदर्शी प्रक्रिया में भागीदारी की गई।
अजमेर संभाग में नावां, नागौर, हमीरगढ़, रियाबाड़ी, सरवाड़, लाडनूं, जायल, डीडवाना, बासनी और जैतारण ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें जायल, लाडनूं और नावां ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
भरतपुर संभाग के कुल 32 निकायों में रूपवास, बौंली, सरमथुरा, राजाखेड़ा, बृजनगर और सवाई माधोपुर ओबीसी के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें राजाखेड़ा और सरमथुरा ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
बीकानेर संभाग के 37 निकायों में लूणकरणसर, सुजानगढ़, खाजूवाला, केसरीसिंहपुर, सरदारशहर, राजगढ़ (चूरू) और नोखा ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें सरदारशहर और केसरीसिंहपुर ओबीसी महिला वर्ग के लिए रिजर्व हैं।
कोटा संभाग के कुल 28 निकायों में अकलेरा, अंता, झालावाड़, सुकेत और कोटा ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें कोटा नगर निगम और अकलेरा ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। कोटा नगर निगम में अब महापौर पद पर ओबीसी महिला उम्मीदवार ही दावेदारी कर सकेगी।
जोधपुर संभाग के 41 निकायों में बालेसरसत्ता, रानीखुर्द, बालोतरा, जसोल, भोपालगढ़, आहोर, खुडाला फालना और बिलाड़ा ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें जसोल, खुडाला फालना और बालेसरसत्ता ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित रखे गए हैं।
जयपुर संभाग में कुल 19 निकाय प्रमुख पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें अजीतगढ़, विराटनगर, मलसीसर, विद्याविहार, नीमराना, बहादुरपुर, बांदीकुई, नौगांव, भिवाड़ी, श्रीमाधोपुर, खेतड़ी, राजगढ़ (अलवर), चिड़ावा, दौसा, खाटूश्यामजी, पलसाना, दांतारामगढ़, मुंडावर और डूंडलोद शामिल हैं।
पंचायतीराज संस्थाओं के जिला प्रमुख पदों की आरक्षण प्रक्रिया को लेकर भी राजनीतिक हलचल तेज है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार भीलवाड़ा जिला प्रमुख पद ओबीसी अथवा सामान्य वर्ग के लिए खुला रहने के संकेत हैं। वहीं अजमेर, उदयपुर और भीलवाड़ा जिला प्रमुख पद एससी-एसटी वर्ग के लिए आरक्षित नहीं होने के संकेत बताए गए हैं। अंतिम स्थिति आधिकारिक लॉटरी और आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी।
निकाय प्रमुखों की आरक्षण लॉटरी पूरी होने के बाद भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य दलों को कई शहरों में उम्मीदवार चयन का गणित नए सिरे से तय करना होगा। जिन सीटों पर महिला, एससी, एसटी या ओबीसी आरक्षण आया है, वहां पहले से सक्रिय कई दावेदारों की जगह नए चेहरे चुनावी दौड़ में सामने आएंगे।