



जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव की तैयारियों के बीच 41 जिला परिषदों के जिला प्रमुख पदों के आरक्षण की तस्वीर साफ हो गई है। गुरुवार को जयपुर के जेएलएन मार्ग स्थित पंचायती राज संस्थान में आरक्षण लॉटरी निकाली गई। प्रक्रिया के दौरान महिला आरक्षण के नियम को लेकर विवाद हो गया, जिसके चलते करीब 25 मिनट तक लॉटरी रोकनी पड़ी।
अधिकारियों ने संबंधित नियमों और एक्ट का परीक्षण कर आपत्ति करने वालों को प्रावधान समझाए। स्थिति स्पष्ट होने के बाद लॉटरी प्रक्रिया दोबारा शुरू हुई।
आरक्षण लॉटरी के अनुसार सीकर समेत 20 जिला परिषदों में जिला प्रमुख का पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है।
इनमें भरतपुर, धौलपुर, अलवर, कोटा, श्रीगंगानगर, अजमेर, बीकानेर, चित्तौड़गढ़, चूरू, हनुमानगढ़, झालावाड़, झुंझुनूं, प्रतापगढ़, सीकर, टोंक, सलूंबर, फलौदी, डीग और ब्यावर सहित महिला आरक्षित जिले शामिल हैं।
इस बार जयपुर और जोधपुर जिला प्रमुख पद अनारक्षित यानी ओपन रखे गए हैं। इसका अर्थ है कि इन जिलों में किसी भी वर्ग का पात्र उम्मीदवार जिला प्रमुख पद की दावेदारी कर सकेगा। पिछली बार इन दोनों जिलों में महिला आरक्षण था, लेकिन नई लॉटरी के बाद आरक्षण की स्थिति बदल गई
सीकर में ओबीसी महिला, अलवर में एसटी महिला
लॉटरी में कई जिलों की श्रेणी भी स्पष्ट हुई। सीकर में जिला प्रमुख पद ओबीसी महिला, जबकि अलवर में एसटी महिला के लिए आरक्षित किया गया है। इसी तरह प्रतापगढ़ और सलूंबर में भी एसटी महिला वर्ग के लिए जिला प्रमुख पद आरक्षित किया गया ह
बच्ची ने निकाली आरक्षण की पर्चियां पंचायती राज सचिव जोगाराम की अध्यक्षता में हुई प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए एक बच्ची को बुलाया गया, जिसने बारी-बारी से आरक्षण की पर्चियां निकालीं। लॉटरी के दौरान हर संभाग से एक महिला जिला प्रमुख बनाए जाने से जुड़े फॉर्मूले पर आपत्ति उठी थी। विवाद के बाद अधिकारियों ने कानून और नियमों की जांच की तथा संबंधित पक्षों को जानकारी दी। नई लॉटरी के बाद कई जिला परिषदों में आरक्षण की स्थिति पिछली बार की तुलना में बदल गई है। जयपुर और जोधपुर जहां इस बार ओपन हो गए हैं, वहीं अजमेर और बीकानेर में महिला आरक्षण आया है। इन बदलावों के बाद भाजपा, कांग्रेस सहित राजनीतिक दलों को जिला परिषद चुनाव के लिए अपने संभावित प्रत्याशियों और स्थानीय समीकरणों पर नए सिरे से काम करना होगा। पंचायतीराज चुनाव की आरक्षण प्रक्रिया अभी जारी रहेगी। 18 अगस्त को एसडीएम स्तर पर ग्राम पंचायतों के सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी। इसमें एससी, एसटी, ओबीसी और महिला वर्ग का आरक्षण तय किया जाएगा। वहीं पंचायत समिति प्रधान पदों की आरक्षण लॉटरी जिला कलेक्टर स्तर पर अलग से निकाली जाएगी। पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। यह आरक्षण सामान्य के साथ एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणियों में भी लागू होगा।जिला प्रमुख पदों की लॉटरी के बाद अब नजर सरपंच, वार्ड पंच और पंचायत समिति प्रधान पदों के आरक्षण पर रहेगी।कई जिलों में पिछली बार से बदला आरक्षण
18 अगस्त को सरपंच और वार्ड पंचों की लॉटरी
पंचायतीराज में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण
