Saturday, 27 June 2026

बाड़मेर नगर परिषद की सुस्त कार्यशैली पर कलक्टर सख्त, बोलीं- मुझे काम चाहिए, बहाने नहीं


बाड़मेर नगर परिषद की सुस्त कार्यशैली पर कलक्टर सख्त, बोलीं- मुझे काम चाहिए, बहाने नहीं

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बाड़मेर। बाड़मेर नगर परिषद की लगातार सुस्त कार्यशैली अब जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल के निशाने पर आ गई है। शहरी सेवा शिविरों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने, लंबित पट्टों के वितरण में देरी और विकास कार्यों में ढिलाई को लेकर जिला कलक्टर ने शुक्रवार को नगर परिषद कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की मैराथन बैठक ली। करीब दो घंटे चली बैठक में कलक्टर ने साफ कहा कि अब काम में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने नगर परिषद की कमजोर प्रगति रिपोर्ट पर नाराजगी जताते हुए कहा, “मुझे काम चाहिए, बहाने नहीं।” उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार स्तर पर हर काम की मॉनिटरिंग हो रही है और नगर परिषद की रिपोर्ट लगातार कमजोर आ रही है। ऐसे में सभी शाखाएं अपने लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करें।

आयुक्त की कार्यशैली पर भी जताई नाराजगी

बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने नगर परिषद आयुक्त की कार्यशैली पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि कोई कर्मचारी काम नहीं कर रहा है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और नोटिस जारी किया जाए, लेकिन विकास कार्य किसी भी स्थिति में रुकने नहीं चाहिए।

कलक्टर ने बिना सूचना अवकाश पर जाने को भी गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं। जनहित से जुड़े कार्यों में देरी सीधे आमजन को प्रभावित करती है, इसलिए नगर परिषद को कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार करना होगा।

लंबित पट्टों के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश

जिला कलक्टर ने 91 के तहत लंबित पट्टों के मामलों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को पट्टे जारी करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके लिए पूर्व पार्षदों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की बैठक बुलाकर लोगों को प्रक्रिया की जानकारी दी जाए।

कलक्टर ने शहर की 16 कच्ची बस्तियों में लंबित पट्टों के निस्तारण के लिए अलग कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र लोगों की सूची तैयार कर समयबद्ध तरीके से पट्टे जारी किए जाएं, ताकि आमजन को राहत मिल सके।

सड़क निर्माण और चौराहों की मरम्मत पर जोर

समीक्षा बैठक में शहर के सड़क निर्माण कार्यों और टेंडर प्रक्रिया की भी विस्तार से समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने राजकीय चिकित्सालय के सामने शुरू हुए सड़क निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए।

इसके साथ ही शहर के प्रमुख चौराहों की मरम्मत तत्काल कराने के निर्देश दिए गए। कलक्टर ने विभिन्न शाखाओं की योजनाओं की अलग-अलग समीक्षा कर अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट मांगी और लंबित मामलों के कारणों पर जवाब तलब किया।

पहले नोटिस, फिर सीधे कार्यालय पहुंचकर समीक्षा

गौरतलब है कि दो दिन पहले नगर परिषद आयुक्त बिना सूचना अवकाश पर चले गए थे। शहरी सेवा शिविरों और अन्य कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिला कलक्टर ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसी क्रम में शुक्रवार को जिला कलक्टर स्वयं नगर परिषद कार्यालय पहुंचीं और पूरे अमले की समीक्षा बैठक ली।

बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि अब नगर परिषद में लापरवाही, बहानेबाजी और धीमी कार्यशैली को स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि वे लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें और जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता दिखाएं।

बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर राजेंद्र सिंह चांदावत, नगर परिषद आयुक्त भगवत सिंह परमार, राजस्व निरीक्षक अशोक कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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