Monday, 22 June 2026

रींगस-खाटूश्यामजी 17.49 किमी नई रेल लाइन पर बनेगा सुंदरपुरा स्टेशन, 32 करोड़ रुपए होंगे खर्च


रींगस-खाटूश्यामजी 17.49 किमी नई रेल लाइन पर बनेगा सुंदरपुरा स्टेशन, 32 करोड़ रुपए होंगे खर्च

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खाटूश्यामजी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे बड़ी सुविधा विकसित करने की तैयारी में है। रींगस-खाटूश्यामजी नई रेल लाइन परियोजना के तहत सुंदरपुरा क्षेत्र में नया रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा। 17.49 किलोमीटर लंबी इस नई रेल लाइन पर बनने वाला स्टेशन खाटूश्याम मेले और विशेष अवसरों पर बढ़ने वाले यात्रीभार को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार खाटूश्यामजी मेले के दौरान रींगस स्टेशन पर प्रतिदिन 2.6 लाख से अधिक यात्रियों का दबाव रहता है। कई बार यह यात्रीभार जयपुर जंक्शन से भी अधिक हो जाता है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को संभालने के लिए रेलवे को मेले के दौरान 150 से अधिक फेरे स्पेशल ट्रेनों के संचालित करने पड़ते हैं। इसी को देखते हुए रींगस-खाटूश्यामजी नई रेल लाइन परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।

इस परियोजना के तहत सुंदरपुरा क्षेत्र में नया स्टेशन विकसित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य मेले, एकादशी, विशेष धार्मिक आयोजनों और अन्य भीड़भाड़ वाले अवसरों पर यात्रियों को बेहतर और व्यवस्थित रेल सुविधा उपलब्ध कराना है। स्टेशन बनने के बाद खाटूश्यामजी आने वाले श्रद्धालुओं की रींगस स्टेशन पर निर्भरता कम होगी और यात्रियों का दबाव अधिक संतुलित तरीके से संभाला जा सकेगा।

सूत्रों के अनुसार सुंदरपुरा रेलवे स्टेशन के निर्माण पर करीब 32 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। स्टेशन पर डबल ट्रैक और दो प्लेटफॉर्म विकसित किए जाने की योजना है। यात्रियों की सुविधा के लिए वेटिंग हॉल, टिकट बुकिंग एवं रिजर्वेशन सुविधा, क्लॉक रूम और बड़ी पार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

सुंदरपुरा स्टेशन को धार्मिक पर्यटन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाएगा। स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन, यात्री सुरक्षा, सुगम आवागमन और पार्किंग व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे देशभर से बाबा श्याम के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।

रेलवे बोर्ड ने वर्ष 2023-24 में रींगस-खाटूश्यामजी नई रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी थी। परियोजना से जुड़े सर्वे और डीपीआर का कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के कारण अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। रेलवे अब आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा कर परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भरोसा दिलाया है कि अगले 10 से 12 महीनों में जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके बाद स्टेशन निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा। नई रेल लाइन और सुंदरपुरा स्टेशन बनने से खाटूश्यामजी तक रेल कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से खाटूश्यामजी मेले के दौरान यात्रियों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। अभी रींगस स्टेशन पर यात्रियों का अत्यधिक दबाव रहता है। सुंदरपुरा स्टेशन विकसित होने के बाद रेलवे के पास भीड़ को संभालने का एक अतिरिक्त और प्रभावी विकल्प उपलब्ध होगा।

इस परियोजना का लाभ केवल श्रद्धालुओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार, परिवहन, होटल व्यवसाय, पार्किंग, छोटे दुकानदारों और धार्मिक पर्यटन से जुड़े हजारों लोगों को भी मिलेगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से खाटूश्यामजी क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

कुल मिलाकर रींगस-खाटूश्यामजी नई रेल लाइन और सुंदरपुरा रेलवे स्टेशन परियोजना शेखावाटी क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन और रेलवे कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। परियोजना पूरी होने के बाद देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को बाबा श्याम के दर्शन के लिए अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित रेल सुविधा मिल सकेगी।

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