Monday, 22 June 2026

भरतपुर में सेना के मेजर को रातभर लॉकअप में रखने का आरोप, पूर्व सैनिकों और ग्रामीणों ने दी थाने के घेराव की चेतावनी


भरतपुर में सेना के मेजर को रातभर लॉकअप में रखने का आरोप, पूर्व सैनिकों और ग्रामीणों ने दी थाने के घेराव की चेतावनी

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भरतपुर जिले के खेड़ली मोड़ थाना क्षेत्र में भारतीय सेना के एक सेवारत मेजर को कथित रूप से नियमों के विपरीत रातभर लॉकअप में बंद रखने, बदसलूकी करने और अपमानजनक व्यवहार करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद क्षेत्र में रोष व्याप्त है। रविवार को गांव पथैना में गौरव सेनानी संघ की आपात बैठक और ग्रामीणों की पंचायत आयोजित की गई, जिसमें दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।

पानागढ़, पश्चिम बंगाल में तैनात और मूल रूप से गांव पथैना निवासी मेजर शैलेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि वे 14 से 21 जून तक अवकाश पर अपने गांव आए हुए थे। 19 जून की रात करीब 12 बजे वे अपने खेत के पास गाड़ी खड़ी कर अपने भाई का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान खेड़ली मोड़ थाना पुलिस की गश्ती गाड़ी मौके पर पहुंची और हरियाणा नंबर की गाड़ी देखकर उनसे पूछताछ शुरू की।

मेजर शैलेंद्र सिंह का आरोप है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों को अपना परिचय दिया और सेना का पहचान पत्र भी दिखाया, इसके बावजूद पुलिसकर्मी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हुए। आरोप है कि पुलिस ने थाने से दूसरी गाड़ी बुलवाई और उनकी गाड़ी की चाबी, मोबाइल फोन तथा सेना का पहचान पत्र अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद उन्हें थाने ले जाया गया।

मेजर का आरोप है कि थाने में उनके साथ पूरी रात अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार किया गया। उन्हें एक आम आरोपी की तरह लॉकअप में बंद रखा गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि थानाधिकारी ने उनके पद और वर्दी की गरिमा की अनदेखी करते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया।

मेजर शैलेंद्र सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि थाने में उनकी जाति और गांव को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। शनिवार सुबह पुलिस ने उन्हें धारा 151 और 185 के तहत एसडीएम भुसावर के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। बताया जा रहा है कि उनकी गाड़ी अभी भी ड्रिंक एंड ड्राइव मामले में पुलिस द्वारा जब्त बताई जा रही है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद रविवार को गांव पथैना के बिहारी जी मंदिर परिसर में गौरव सेनानी संघ की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पूर्व सैनिकों ने पूरे मामले पर नाराजगी जताई और पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

गौरव सेनानी संघ के अध्यक्ष प्रेमचंद शर्मा ने कहा कि यदि पुलिस को सेना के जवानों और अधिकारियों से जुड़े नियमों की जानकारी नहीं है तो ऐसे अधिकारियों को तत्काल हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की सेवा कर रहे अधिकारी के साथ इस प्रकार का व्यवहार अस्वीकार्य है और प्रशासन को इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए।

संघ के उपाध्यक्ष सूबेदार शिशुपाल सिंह ने भी मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि सेना के सेवारत अधिकारी के साथ यदि नियमों के विपरीत व्यवहार हुआ है तो इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए।

इसके बाद शाम को गांव की सरदारी की पंचायत भी आयोजित की गई। पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि 24 घंटे के भीतर दोषी थानाधिकारी और संबंधित पुलिस स्टाफ के खिलाफ निलंबन तथा दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो पूर्व सैनिक और ग्रामीण मिलकर खेड़ली मोड़ थाने का घेराव करेंगे।

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर आक्रोश बना हुआ है। ग्रामीणों और पूर्व सैनिकों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों पर कार्रवाई हो सके। वहीं, पुलिस प्रशासन की ओर से मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की संभावना जताई जा रही है।

दूसरी ओर, खेड़ली मोड़ थानाधिकारी राजेश कसाना ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा मेजर शैलेंद्र सिंह के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया गया और न ही किसी प्रकार के जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। थानाधिकारी ने कहा कि लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।

फिलहाल मामला आरोप और प्रत्यारोप के बीच जांच की मांग तक पहुंच गया है। एक ओर मेजर शैलेंद्र सिंह और पूर्व सैनिक संगठन पुलिस कार्रवाई को नियमों के विपरीत बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर थानाधिकारी ने आरोपों से इनकार किया है। अब प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर टिकी हुई है।

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