Monday, 22 June 2026

मुंबई की फर्म पर बैंक से 62.42 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, CBI ने दर्ज किया केस


मुंबई की फर्म पर बैंक से 62.42 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, CBI ने दर्ज किया केस

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मुंबई की एक फर्म और उसके साझेदारों के खिलाफ बैंकों को कथित रूप से गलत वित्तीय जानकारी देकर अधिक कर्ज लेने का मामला सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने इंडियन बैंक को लगभग 62.42 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

CBI के अनुसार मामला 18 जून को मुंबई स्थित इंडियन बैंक की स्ट्रेस्ड एसेट मैनेजमेंट यानी SAM शाखा की शिकायत पर दर्ज किया गया। शिकायत में मुंबई आधारित फर्म वन वर्ल्ड सोर्सिंग, उसके साझेदार आशिमा मनोज खुशालानी और राकेश कुमार सिंह को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अज्ञात निजी व्यक्तियों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

आरोप है कि फर्म और उसके साझेदारों ने बैंकों के समक्ष देनदारों के बढ़े हुए आंकड़े और गलत वित्तीय जानकारी प्रस्तुत की। इसी आधार पर कथित रूप से अधिक कैश क्रेडिट लिमिट और अन्य बैंकिंग सुविधाएं प्राप्त की गईं। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया से बैंक को करोड़ों रुपए का वित्तीय नुकसान हुआ।

CBI ने प्रारंभिक शिकायत के आधार पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और खातों में कथित हेरफेर से जुड़े पहलुओं की जांच शुरू की है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने वित्तीय दस्तावेजों में किस स्तर पर गड़बड़ी की और बैंकिंग प्रणाली को किस प्रकार नुकसान पहुंचाया गया।

मामले में अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों की भूमिका भी जांच के घेरे में है। CBI यह जांच कर रही है कि क्या कर्ज स्वीकृति या वित्तीय जानकारी के सत्यापन की प्रक्रिया में किसी बाहरी या अंदरूनी व्यक्ति की मिलीभगत रही। जांच के दौरान बैंक अधिकारियों, वित्तीय दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़ी जानकारी की भी पड़ताल की जा सकती है।

बताया जा रहा है कि एजेंसी ने इस मामले में कई स्थानों पर तलाशी भी ली है। तलाशी के दौरान कुछ दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त किए जाने की बात सामने आई है। इन दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

बैंकिंग धोखाधड़ी से जुड़े ऐसे मामलों में आमतौर पर वित्तीय विवरण, ऑडिट रिपोर्ट, देनदारों की सूची, स्टॉक स्टेटमेंट, बैंक गारंटी, कैश क्रेडिट लिमिट और ऋण स्वीकृति से जुड़े रिकॉर्ड की गहन जांच की जाती है। CBI अब यह देखेगी कि इंडियन बैंक को हुए कथित नुकसान में फर्म, उसके साझेदारों और अन्य व्यक्तियों की क्या भूमिका रही।

फिलहाल यह मामला जांच के प्रारंभिक चरण में है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी। CBI ने केस दर्ज कर संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

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