



जयपुर। राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने शुक्रवार को पुलिस इंस्पेक्टर्स के तबादलों के आदेश जारी किए। मुख्यालय की ओर से कुल 40 पुलिस निरीक्षकों के स्थानांतरण किए गए हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस कार्मिक बीजू जॉर्ज जोसफ की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अधिकांश तबादले जयपुर पुलिस कमिश्नरेट से विभिन्न रेंजों और विशेष इकाइयों में किए गए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
तबादला सूची में जयपुर पुलिस कमिश्नरेट से सबसे अधिक अधिकारियों को अलग-अलग रेंजों और इकाइयों में भेजा गया है। कई एसएचओ और इंस्पेक्टर्स को अजमेर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, जयपुर रेंज, जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट, जीआरपी, एटीएस-एसओजी, सीआईडी सीबी, राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो और आरएसएमएमएल में पदस्थापित किया गया है। कुछ अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग के स्थान पर विशेष शाखाओं और जांच इकाइयों में लगाया गया है।
आदेश के अनुसार, अरविंद सिंह शेखावत को बीकानेर रेंज से जयपुर पुलिस कमिश्नरेट लगाया गया है। वहीं सतपाल सिंह को जयपुर कमिश्नरेट से कोटा रेंज, सतीश चंद को जयपुर कमिश्नरेट से अजमेर रेंज और देवेंद्र प्रसाद शर्मा को जयपुर कमिश्नरेट से जयपुर रेंज में स्थानांतरित किया गया है। दिलीप सिंह को जयपुर कमिश्नरेट से बीकानेर रेंज भेजा गया है।
इसी तरह हरी सिंह दूधवाल को जयपुर कमिश्नरेट से सीआईडी सीबी, सीमा पठान को एटीएस-एसओजी से जयपुर पुलिस कमिश्नरेट और पूनम चौधरी को जयपुर कमिश्नरेट से अजमेर रेंज लगाया गया है। मंजू चौधरी को जयपुर कमिश्नरेट से सिविल राइट्स, सीआईडी सीबी में पदस्थापित किया गया है। आशुतोष कुमार को जयपुर कमिश्नरेट से जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट, रूप नारायण को जयपुर कमिश्नरेट से जीआरपी रेंज और रजनीश कुमार को जयपुर कमिश्नरेट से उदयपुर रेंज भेजा गया है। आरती सिंह को जयपुर कमिश्नरेट से सिविल राइट्स, सीआईडी सीबी में लगाया गया है।
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन पुलिस निरीक्षकों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में कोई प्रकरण लंबित है या राजस्थान सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियमों के तहत धारा 16 की कार्रवाई विचाराधीन है, उन्हें फील्ड पोस्टिंग नहीं दी जाएगी। ऐसे मामलों की सूचना संबंधित अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यालय के इस आदेश के बाद जयपुर पुलिस कमिश्नरेट सहित कई रेंजों और इकाइयों में प्रशासनिक स्तर पर बदलाव देखने को मिलेगा। माना जा रहा है कि इन तबादलों के जरिए फील्ड और विशेष इकाइयों में अधिकारियों की नई तैनाती कर कार्य व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।

