



जयपुर। भारत के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग यानी DPIIT के अंतर्गत संचालित स्टार्टअप इंडिया द्वारा जयपुर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजस्थान सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के सहयोग से 19 जून 2026 को भामाशाह टेक्नो हब में आयोजित इस कार्यक्रम में DPIIT, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव अतीश कुमार सिंह ने सहभागिता की।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव अतीश कुमार सिंह ने कार्यक्रम के दौरान भामाशाह टेक्नो हब का दौरा किया और राजस्थान के स्टार्टअप तथा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े प्रमुख हितधारकों के साथ संवाद किया। इस दौरान राज्य के उद्यमिता परिदृश्य, उभरते अवसरों, चुनौतियों और नवाचार आधारित विकास को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में राज्य सरकार की उन पहलों पर भी विचार-विमर्श किया गया, जो उद्यमिता, नवाचार और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
कार्यक्रम के अंतर्गत केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव अतीश कुमार सिंह ने “Celebrating 12 Years of the Government and 10 Years of the Startup India Initiative” विषय पर विशेष संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया पहल ने पिछले एक दशक में देश के उद्यमिता वातावरण को नई दिशा दी है। उन्होंने इस पहल के अंतर्गत हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि अब नवाचार और उद्यमिता आधारित विकास के अगले चरण के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच मजबूत सहयोग आवश्यक है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव अतीश कुमार सिंह ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया पहल के दस वर्ष और सरकार के बारह वर्ष पूरे होने के अवसर पर राजस्थान की उपलब्धियां उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि आगे बढ़ते हुए ध्यान केवल जयपुर जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन जिलों और समुदायों तक भी पहुंचना चाहिए, जो अभी इस इकोसिस्टम का पूर्ण रूप से हिस्सा नहीं बन पाए हैं। उन्होंने कहा कि TEJAS जैसी पहलें इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं और भारत की नवाचार यात्रा के अगले दशक को आकार देने में राजस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
इस अवसर पर स्टार्टअप इंडिया टीम द्वारा स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध विभिन्न योजनाओं, पहलों और सहायता तंत्रों पर प्रस्तुति भी दी गई। सत्र में प्रतिभागियों को DPIIT स्टार्टअप मान्यता, वित्तीय एवं ऋण सहायता, स्टार्टअप विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए संचालित प्रमुख कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में स्टार्टअप संस्थापकों, इनक्यूबेटर्स, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शैक्षणिक संस्थानों, निवेशकों और सरकारी हितधारकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स यानी ONDC के एमडी एवं सीईओ विभोर जैन का विशेष सत्र भी आयोजित हुआ। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप और MSME, ONDC के ओपन नेटवर्क बुनियादी ढांचे का उपयोग कर नए ग्राहकों, बाजारों और व्यावसायिक अवसरों तक पहुंच बना सकते हैं। सत्र में महिला उद्यमियों, किसानों, फार्मर प्रोड्यूसर्स ऑर्गेनाइजेशंस और सेल्फ हेल्प ग्रुप्स के लिए अमेज़िंग इंडिया पहल तथा किराना स्टोर और जनरल ट्रेड रिटेलर्स के लिए डिजिदुकान के माध्यम से डिजिटल खरीद की जानकारी दी गई।
ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स यानी ONDC के एमडी एवं सीईओ विभोर जैन ने कहा कि ONDC का ध्यान उन बाधाओं को दूर करने पर है, जिन्हें बाजार स्वयं हल नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि साझा डिजिटल बुनियादी ढांचा तैयार कर डिजिटल वाणिज्य को सभी आकार के व्यवसायों के लिए अधिक सुलभ और कुशल बनाया जा रहा है। उन्होंने स्टार्टअप्स, MSME और इकोसिस्टम इनोवेटर्स को नेटवर्क पर निर्माण करने और भारत में डिजिटल वाणिज्य का भविष्य गढ़ने के लिए आमंत्रित किया।
यह कार्यक्रम राज्य में नवाचार और उद्यमिता को आगे बढ़ाने के लिए संवाद, ज्ञान-साझाकरण और सहयोग का प्रभावी मंच साबित हुआ। यह पहल भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत@2047 के विजन के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य उद्यमिता की क्षमता को प्रोत्साहित करना, नवाचार आधारित विकास को बढ़ावा देना और देशभर में एक सशक्त, जीवंत और समावेशी स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है।
