



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने श्रीगंगानगर जिले में एक ही जमीन के दो पट्टे जारी करने और जनसुविधा के लिए आरक्षित भूमि पर व्यावसायिक पट्टे जारी किए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण में यूआईटी सचिव सहित संलिप्त बताए गए आधा दर्जन से अधिक कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित और जनसुविधाओं से जुड़े मामलों में प्रशासनिक लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित ‘राज उन्नति’ की छठी बैठक में विभिन्न योजनाओं, अभियानों और लंबित कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक के दौरान उन्होंने सांगानेर में सीईटीपी के पम्पिंग स्टेशन और पाइप-लाइन के कार्य में देरी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मौके पर जाकर कार्यों का मुआयना करें और लंबित कामों को जल्द पूरा करवाएं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पानी, बिजली, चिकित्सा, सड़क और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यों की टेंडर प्रक्रिया में यदि किसी भी कारण से रुकावट आती है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन से जुड़े कार्यों को तय समयसीमा में पूरा किया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जिला कलक्टरों को सेवा शिविरों के माध्यम से अतिक्रमण और राजस्व प्रकरणों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के जरिए आमजन को वर्षों पुरानी समस्याओं से राहत मिलनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मानसून को देखते हुए सभी जिला कलक्टरों को आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश से पहले नालों की साफ-सफाई, सड़कों के पेचवर्क और जलभराव रोकने से जुड़े कार्य पूरे किए जाएं। साथ ही मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए चिकित्सा विभाग पहले से तैयारी सुनिश्चित करे। उन्होंने मुख्य सचिव को बड़ी परियोजनाओं की मासिक समीक्षा करने और सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की खरीद एवं उपलब्धता को लेकर कमेटी गठित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के शहरों और कस्बों में डंपिंग साइट पर पड़े पुराने कचरे के शीघ्र निस्तारण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुराने कचरे के ढेरों का नियमित मॉनिटरिंग के साथ निस्तारण किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिले और संबंधित भूमि पर ट्रीटमेंट प्लांट जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाया जा सके। मुख्यमंत्री ने 152 नगरीय निकायों में डंपिंग साइट पर पड़े पुराने कचरे के निस्तारण का कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।
बैठक में जयपुर के लालकोठी क्षेत्र में प्रस्तावित कर्मयोगी भवन की कार्ययोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सचिवालय में जगह की कमी को देखते हुए आरएसआरडीसी को निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मयोगी भवन बनने से विभिन्न आयुक्तालयों और आयोगों के कार्मिकों को सुविधायुक्त कार्यस्थल मिलेगा, जिससे उनकी कार्यकुशलता में भी वृद्धि होगी।