



कोटा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कोटा दौरे से पहले राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। कांग्रेस ने कार्यक्रम से जुड़े पोस्टर और बैनर हटाने को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने कहा है कि प्रशासन पर दबाव बनाकर कार्यक्रम के प्रचार को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
सचिन पायलट ने कहा कि देश की वर्तमान शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से लाखों विद्यार्थी और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े विवादों ने करोड़ों युवाओं के विश्वास को झटका पहुंचाया है। इसके अलावा विभिन्न भर्ती परीक्षाओं और मूल्यांकन प्रक्रियाओं को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। उनका आरोप है कि इन मामलों में जवाबदेही तय करने के बजाय सरकार जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक मामले की जांच शुरू होने के बावजूद अब तक कोई ठोस राजनीतिक या प्रशासनिक जवाबदेही तय नहीं की गई है। पायलट के अनुसार, राहुल गांधी का यह अभियान छात्रों और युवाओं की भावनाओं से जुड़ा हुआ है तथा इसका उद्देश्य उनकी समस्याओं और चिंताओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि कोटा देश का प्रमुख शिक्षा केंद्र है, जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में राहुल गांधी सीधे विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याओं और परीक्षा प्रणाली से जुड़े अनुभवों को सुनेंगे। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर दबाव बनाया जा रहा है, पोस्टर और बैनर हटाए जा रहे हैं तथा लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने से हतोत्साहित करने की कोशिश की जा रही है।
पायलट ने कहा कि इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्र, युवा और आमजन कार्यक्रम में भाग लेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल राजनीतिक सभा नहीं है, बल्कि युवाओं और विद्यार्थियों के साथ संवाद का मंच है, जहां उनके भविष्य, शिक्षा व्यवस्था और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।