Wednesday, 17 June 2026

कार्यकाल पूरा होने से पहले बोले आरपीएससी अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू, जांच एजेंसियों को हर स्तर पर सहयोग करूंगा


कार्यकाल पूरा होने से पहले बोले आरपीएससी अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू, जांच एजेंसियों को हर स्तर पर सहयोग करूंगा

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अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू 19 जून को अपना कार्यकाल पूरा करने जा रहे हैं। पेपर लीक और विभिन्न भर्ती विवादों के बीच आयोग की जिम्मेदारी संभालने वाले साहू ने कार्यकाल समाप्ति से पहले दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि यदि भविष्य में एसआई भर्ती परीक्षा या किसी अन्य मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) अथवा कोई अन्य जांच एजेंसी उन्हें पूछताछ के लिए बुलाती है तो वे पूर्ण सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि आयोग में उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए सभी निर्णय पूरी तरह रिकॉर्ड पर आधारित और नियमानुसार किए गए हैं।

उत्कल रंजन साहू ने स्पष्ट कहा कि आयोग में उनके कार्यकाल के दौरान कोई भी कार्य ऑफ रिकॉर्ड नहीं हुआ। सभी निर्णय निर्धारित प्रक्रिया और दस्तावेजी आधार पर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसी कारण उन्हें किसी भी जांच से कोई चिंता नहीं है और आवश्यकता पड़ने पर वे हर प्रकार का सहयोग देने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने अपने कार्यकाल की सबसे बड़ी चुनौती भर्ती और परीक्षा प्रक्रियाओं को समयबद्ध, निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाए रखना बताया। साहू ने कहा कि आयोग का प्रयास हमेशा अभ्यर्थियों का विश्वास बनाए रखने का रहा है। उनका मानना है कि युवाओं को अपनी मेहनत और तैयारी पर भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि आयोग का उद्देश्य केवल योग्य और सर्वश्रेष्ठ अभ्यर्थियों का चयन करना है।

सरकार अथवा राजनीतिक हस्तक्षेप से जुड़े सवाल पर साहू ने कहा कि उनके कार्यकाल में सरकार की ओर से कभी किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया गया। हालांकि समय-समय पर कुछ अभ्यर्थियों के पक्ष में सिफारिशें या दस्तावेज भेजे जाते थे, लेकिन आयोग ने हमेशा नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही निर्णय लिए। उन्होंने कहा कि किसी भी सिफारिश का चयन प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने दिया गया।

अपने कार्यकाल के दौरान अधूरे रहे कार्यों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि परीक्षा संचालन और गोपनीयता से जुड़े अधिकांश लक्ष्य पूरे किए गए हैं तथा सभी परीक्षाओं को समय पर और सुचारू रूप से संपन्न कराने का प्रयास सफल रहा। हालांकि आयोग के बढ़ते कार्यभार को देखते हुए कुछ आधारभूत ढांचे और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े विषय ऐसे हैं, जिन पर भविष्य में और काम किए जाने की आवश्यकता बनी हुई है।

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