



जयपुर। भाजपा के भीतर नागौर सांसद और प्रदेश नेतृत्व के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में भाजपा प्रवक्ता और चौमूं के पूर्व विधायक रामलाल शर्मा द्वारा नागौर सांसद पर की गई टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद और गहरा गया है। रामलाल शर्मा ने हाल ही में दिए बयान में कहा था कि किसी भी नेता द्वारा अपने समर्थकों को यह कहना कि "जेल जाओगे तो नेता बनोगे", राजनीति के लिए गलत संदेश है। उन्होंने समर्थकों से शांति बनाए रखने, कानून का पालन करने और किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी से दूर रहने की अपील भी की थी।
रामलाल शर्मा ने बिना नाम लिए यह भी कहा कि जिस राजनीतिक दल की विधानसभा में कोई सीट नहीं है, उसके द्वारा अगली सरकार बनाने के दावे करना वास्तविकता से दूर और केवल कल्पना मात्र है। उन्होंने इसे "मुंगेरीलाल के सपने" करार देते हुए ऐसे दावों पर सवाल उठाए थे।
वहीं, इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नागौर सांसद ने रामलाल शर्मा की टिप्पणियों को ज्यादा महत्व नहीं दिया। सांसद ने कहा कि रामलाल उनके लिए पुराने परिचित हैं और छात्र राजनीति के दिनों से उन्हें जानते हैं। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब वे विश्वविद्यालय की राजनीति में सक्रिय थे, तब रामलाल शर्मा और उनके जैसे कई युवा कार्यकर्ता उनके साथ रहते थे और उनका थैला उठाया करते थे।
सांसद की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। भाजपा के भीतर चल रही बयानबाजी को लेकर विपक्ष भी नजर बनाए हुए है। हालांकि पार्टी की ओर से अब तक इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के दिनों में पार्टी के कुछ नेताओं के बीच बढ़ती सार्वजनिक बयानबाजी संगठनात्मक असहजता का संकेत दे रही है।