Wednesday, 17 June 2026

नहरों में बहती लावारिस लाशों पर सरकार गंभीर, राजस्थान सीमा पर रोककर निस्तारण की तैयारी


नहरों में बहती लावारिस लाशों पर सरकार गंभीर, राजस्थान सीमा पर रोककर निस्तारण की तैयारी

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जयपुर। पंजाब से राजस्थान के जैसलमेर तक लगभग 1000 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली में बहकर आने वाली लावारिस लाशों के मामले में राज्य सरकार ने गंभीरता दिखाई है। सिंचाई विभाग ने पहली बार आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है कि नहरों में लावारिस शव बहकर आ रहे हैं और इस समस्या के समाधान के लिए गृह विभाग को विस्तृत प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव में राजस्थान सीमा पर ही शवों को रोककर उनका उचित निस्तारण करने तथा समय रहते उनकी पहचान और मौत के कारणों की जांच सुनिश्चित करने की सिफारिश की गई है।

गृह विभाग पहले भी सितंबर 2021 में लावारिस शवों के निस्तारण को लेकर परिपत्र जारी कर चुका है। अब इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार ने हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता प्रदीप रुस्तगी और इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) के मुख्य अभियंता अमरजीत सिंह को जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बाद हनुमानगढ़ से विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजी गई, जिसे अब गृह विभाग को अग्रेषित किया गया है।

रिपोर्ट में राजस्थान सीमा के निकट शिवपुर हेड पर नई पुलिस चौकी स्थापित करने और मसीतांवाली हेड क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा नहरों से शवों को बाहर निकालने के लिए अतिरिक्त गोताखोरों, जेसीबी मशीनों और पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता बताई गई है।

सिंचाई विभाग का मानना है कि यदि शवों को सीमा क्षेत्र में ही रोककर बाहर निकाला जाए और उनका विधिवत निस्तारण किया जाए तो न केवल वे आगे बहने से रुकेंगे, बल्कि उनकी पहचान और मौत के कारणों की जांच भी समय रहते संभव हो सकेगी। वर्तमान स्थिति में कई शव लंबे समय तक पानी में रहने के कारण क्षत-विक्षत हो जाते हैं, जिससे उनकी पहचान और जांच प्रक्रिया जटिल हो जाती है।

आईजीएनपी के मुख्य अभियंता अमरजीत सिंह ने बताया कि प्रस्ताव गृह विभाग को भेज दिया गया है। इसमें पुलिस चौकी की स्थापना, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, शवों को बाहर निकालने के लिए जेसीबी मशीन, गोताखोर और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करने का सुझाव शामिल है। अब इस प्रस्ताव पर गृह विभाग स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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