



जयपुर। राजस्थान में सेमीकंडक्टर उद्योग के क्षेत्र में बड़ा निवेश आने की संभावना है और प्रदेश में जल्द ही सेमीकंडक्टर चिप उत्पादन शुरू हो सकता है। उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री केके विश्नोई ने कहा कि राज्य सरकार ने सेमीकंडक्टर उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए नई नीति लागू की है। इसके साथ ही निवेश आकर्षित करने, औद्योगिक विकास को गति देने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से अब तक 34 नई नीतियां लागू की जा चुकी हैं।
उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री केके विश्नोई जयपुर स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर रीको, सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ स्टोन्स (सिडोस) और लघु उद्योग भारती के बीच इंडिया स्टोनमार्ट-2028 के आयोजन को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना, निवेशकों को आकर्षित करना और प्रदेश में रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि राजस्थान को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट-2026 की सफलता के बाद अब वर्ष 2028 के आयोजन को और अधिक भव्य एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
राठौड़ ने बताया कि इंडिया स्टोनमार्ट-2028 में अधिक से अधिक देशों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा। आयोजन में विदेशी खरीदारों, निवेशकों, आर्किटेक्ट्स और उद्योग विशेषज्ञों को जोड़ने की विशेष रणनीति बनाई जाएगी। इसके अलावा नई तकनीकों, आधुनिक मशीनरी और स्टार्टअप्स को भी मंच उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे राजस्थान के पत्थर एवं खनिज उद्योग को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिल सके।
कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल, रीको के प्रबंध निदेशक सुरेश ओला तथा उद्योग जगत के कई प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में संभावित निवेश और औद्योगिक नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन से राजस्थान देश के उभरते औद्योगिक राज्यों में प्रमुख स्थान हासिल कर सकता है।