



टोंक जिले के देवली उपखंड क्षेत्र के रघुनाथपुरा गांव में विद्युत निगम की कथित लापरवाही का शिकार हुए दुर्गापुरा ढाणी निवासी धनराज बैरवा की रविवार को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं ग्रामीणों और परिजनों में विद्युत निगम के प्रति भारी आक्रोश फैल गया। परिजनों ने मृतक का शव लेने से इनकार कर दिया और न्याय की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया।
अंबेडकर विचार मंच के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीण और कार्यकर्ता देवली के डाक बंगला परिसर में एकत्रित हुए और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने डाक बंगले से उपखंड कार्यालय के समीप रोडवेज बस स्टैंड के प्रवेश द्वार तक रैली निकालते हुए नारेबाजी की और सड़क जाम कर दी। इस दौरान विद्युत निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई।
मौके पर पुलिस उपाधीक्षक हेमराज चौधरी, प्रशिक्षु आरपीएस कुसुम मीणा, थाना प्रभारी दौलतराम गुर्जर सहित पुलिस बल पहुंचा और प्रदर्शनकारियों से समझाइश की। डीएसपी हेमराज चौधरी ने कहा कि सड़क जाम होने से आमजन को परेशानी हो रही है और विरोध प्रदर्शन ऐसे तरीके से होना चाहिए जिससे जनसुविधाएं प्रभावित न हों। इसके बाद प्रदर्शनकारी कुछ समय के लिए सड़क से हट गए, लेकिन धरना और नारेबाजी जारी रखी।
प्रदर्शनकारियों की ओर से मुकेश मीणा ने कहा कि धनराज बैरवा की मौत एक गंभीर लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन धरना स्थल पर डटे रहे।
गौरतलब है कि 2 जून को धनराज बैरवा को लाइनमैन द्वारा विद्युत लाइन की मरम्मत के लिए खंभे पर चढ़ाया गया था। परिजनों का आरोप है कि उसे बिजली सप्लाई बंद होने का भरोसा दिया गया था, लेकिन जीएसएस से अचानक विद्युत आपूर्ति चालू कर दी गई। इससे वह 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे में उसके दोनों हाथ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे और वह पिछले कई दिनों से एसएमएस अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा था।
रविवार सुबह उसकी मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। उनका आरोप है कि विद्युत निगम कर्मचारियों की लापरवाही ने एक परिवार का सहारा छीन लिया है। प्रशासन द्वारा आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। आंदोलन को देखते हुए उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना स्थल पर टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है।
अंबेडकर विचार मंच ने धनराज बैरवा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सोमवार, 15 जून को देवली बंद का आह्वान किया है। मंच ने व्यापार महासंघ और विभिन्न सामाजिक संगठनों से देवली बंद को समर्थन देने की अपील की है।