



मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली नीट री-एग्जाम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करें।
रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की गंभीरता से पालना सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने परीक्षा से जुड़े किसी भी प्रकार के संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने और अफवाह फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी परीक्षा केन्द्रों पर पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। गर्मी के मौसम को देखते हुए अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में जानकारी दी गई कि राजस्थान के 27 जिलों में कुल 611 परीक्षा केन्द्रों पर लगभग 2 लाख 9 हजार अभ्यर्थी नीट री-एग्जाम में शामिल होंगे। परीक्षा केन्द्रों की संख्या के हिसाब से जयपुर सबसे आगे है, जहां 106 केन्द्र बनाए गए हैं। इसके बाद सीकर में 102 और कोटा में 92 केन्द्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी।
बैठक के दौरान विभिन्न जिलों के जिला कलक्टरों और पुलिस अधीक्षकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से परीक्षा तैयारियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को परीक्षा प्रक्रिया को लेकर पूरी सतर्कता बरतने और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, महानिदेशक पुलिस (कानून एवं व्यवस्था) संजय अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं विभिन्न जिलों के कलक्टर और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।