Friday, 12 June 2026

सेवा शिविरों में आमजन को मिले त्वरित और पारदर्शी समाधान, जिला कलेक्टर टीना डाबी ने किया निरीक्षण


सेवा शिविरों में आमजन को मिले त्वरित और पारदर्शी समाधान, जिला कलेक्टर टीना डाबी ने किया निरीक्षण

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टोंक जिले में ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों के पहले दिन जिला कलेक्टर टीना डाबी ने ग्राम पंचायत पालड़ा और नगर परिषद टोंक में आयोजित शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं, आमजन की समस्याओं और उनके समाधान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक नागरिक के कार्यों का यथासंभव उसी दिन निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा लोगों को एक ही स्थान पर त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

ग्राम पंचायत पालड़ा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान जिला कलेक्टर ने विभिन्न विभागों की ओर से किए जा रहे कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों में शामिल 22 विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण समय उपस्थित रहकर आमजन की समस्याओं का समाधान करें। शिविरों का उद्देश्य लोगों को सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ उनके गांव में ही उपलब्ध कराना है, इसलिए किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए।

शिविर के दौरान कार्यवाहक उपखंड अधिकारी राम अवतार मीणा ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि पंचायती राज विभाग द्वारा 16 पट्टे जारी किए गए तथा वीबी रामजी योजना के तहत 41 जरूरतमंद लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। बिजली विभाग ने झूलते हुए तारों को ठीक कराने की कार्रवाई की, जबकि जलदाय विभाग ने टूटी पाइपलाइनों और हैंडपंपों की मरम्मत करवाई। कृषि विभाग द्वारा किसानों को तारबंदी, मेड़बंदी, मिट्टी परीक्षण, पोषण प्रबंधन और जैविक खेती संबंधी जानकारी दी गई।

स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद विभाग की ओर से करीब 400 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा टीबी मुक्त ग्राम अभियान के तहत जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। पशुपालन विभाग ने मंगला पशु बीमा योजना की जानकारी प्रदान की। वहीं राजस्व विभाग ने छह बंटवारा, 20 सीमाज्ञान और 17 नामांतरण प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया। शिविर में प्रशासक मौसमी मीना, तहसीलदार भगवती जैन, बीडीओ सरोज राठौड़ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

इसके बाद जिला कलेक्टर ने नगर परिषद टोंक में आयोजित शहरी सेवा शिविर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने शिविरों की रूपरेखा, क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान अवधि के दौरान प्राप्त होने वाले सभी प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अभियान समाप्त होने के बाद किसी भी प्रकार की लंबित फाइल या प्रकरण नहीं रहना चाहिए और प्रत्येक मामले का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाए।

निरीक्षण के दौरान नगर परिषद आयुक्त धर्मपाल जाट सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन का उद्देश्य इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।

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