



जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के कार्यक्रम के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटना को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने मामले की जांच के निर्देश देते हुए कहा है कि यदि किसी अधिकारी या अभियंता की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली जैसी आवश्यक सेवाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जवाबदेही तय कर दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जानकारी के अनुसार गुरुवार को जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कई बार बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मीडिया से संवाद कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान बार-बार बिजली जाने की घटना चर्चा का विषय बन गई, जिसके बाद राज्य सरकार ने पूरे मामले पर संज्ञान लिया।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शुक्रवार को राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम और जयपुर डिस्कॉम के अधिकारियों से घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारणों की गहन जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि तकनीकी खामी, रखरखाव में कमी या किसी स्तर पर लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बिजली व्यवस्था को मजबूत और भरोसेमंद बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के दौरान बिजली आपूर्ति में व्यवधान जैसी घटनाएं गंभीरता से ली जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए।
सरकार की ओर से स्पष्ट संकेत दिए गए हैं कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी या अभियंता की जिम्मेदारी तय होती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल संबंधित विभागों से रिपोर्ट प्राप्त कर मामले की जांच जारी है।